पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार (3 फरवरी) को दिल्ली में हैं। वह चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर की गई कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं। इसी दौरान पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी चल रही है। ED की टीमें जिले के कई इलाकों में पहुंची हैं। यह कार्रवाई कोयला और रेत की तस्करी से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, ED की लगभग 25 से 30 अधिकारियों की बड़ी टीम केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ सुबह-सुबह नबग्राम, दुर्गापुर और पांडवेश्वर जैसे इलाकों में पहुंची। फिलहाल इन जगहों पर तलाशी अभियान जारी है।
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क्यों हो रही है ED की छापेमारी?
ED के सूत्रों के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई मुख्य रूप से 'ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड' से होने वाली कोयले की अवैध तस्करी और बड़े पैमाने पर चल रही रेत की तस्करी के नेटवर्क का पता लगाने के लिए की जा रही है। जांच टीम ने इन इलाकों में उन लोगों के घरों और ऑफिसों को निशाना बनाया है, जिन पर लंबे समय से इस अवैध धंधे में शामिल होने का शक है।
दुर्गापुर में जांच टीम एक ऐसे व्यक्ति के घर पहुंची है जिसे रेत का बड़ा माफिया माना जाता है। बताया जा रहा है कि शुरुआत में ED की टीम को घर के अंदर घुसने से रोका गया, जिसके बाद केंद्रीय सुरक्षा बलों की मदद से अधिकारियों ने घर में प्रवेश किया।
यह शख्स पहले पानागढ़ में रहता था और हाल ही में इसने दुर्गापुर में एक आलीशान मकान बनाया है। इसकी हालिया दुबई यात्रा भी अब जांच के घेरे में है। अधिकारियों ने उसके भाई के ठिकाने पर भी रेड की है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
I-PAC और प्रतीक जैन से जुड़े हैं तार
यह छापेमारी अचानक नहीं हुई है। दरअसल, 8 जनवरी को ED ने आई-पैक (I-PAC) के प्रमुख प्रतीक जैन के ठिकानों पर तलाशी ली थी। सूत्रों का कहना है कि उस दौरान मिली जानकारियों और लीड्स के आधार पर ही आज दुर्गापुर और आसपास के इलाकों में यह कार्रवाई की जा रही है।
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गौरतलब है कि इससे पहले जब I-PAC के दफ्तर पर छापेमारी हुई थी, तब राज्य में काफी विवाद हुआ था। सीएम ममता ने खुद वहां पहुंचकर आपत्ति जताई थी और एजेंसी पर चुनाव से जुड़े दस्तावेज कब्जाने का आरोप लगाया था। फिलहाल, आज की कार्रवाई जारी है और ED की टीम फाइलों और डिजिटल सबूतों को खंगालने में जुटी है।