बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाना क्षेत्र के सिहोरवा गांव में सोमवार देर रात करीब 2:30 बजे पुलिस और अपराधियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में दो कुख्यात अपराधी मारे गए, जबकि स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के एक जांबाज जवान ने कर्तव्य निभाते हुए शहादत दे दी। इस कार्रवाई में पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और सनसनी का माहौल है।
चकिया के कुख्यात अपराधी कुंदन ठाकुर और मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज निवासी प्रियांशु दुबे के सिहोरवा गांव में छिपे होने की गुप्त सूचना पुलिस को मिली थी। इससे पहले अपराधियों द्वारा चकिया थाने के अपर थानाध्यक्ष को फोन कर धमकी भी दी गई थी, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना की पुष्टि होते ही एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर तत्काल छापेमारी की योजना बनाई गई। देर रात पुलिस टीम जैसे ही सिहोरवा गांव पहुंची और संदिग्ध ठिकाने को घेरना शुरू किया, तभी खुद को घिरता देख अपराधियों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी है।
अचानक हुई गोलीबारी से कुछ समय के लिए अफरातफरी मच गई, लेकिन पुलिस टीम ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से चली गोलियों के बीच पुलिस ने बहादुरी का परिचय देते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और मुठभेड़ में कुंदन ठाकुर तथा प्रियांशु दुबे को मार गिराया। हालांकि इस दौरान एसटीएफ के जवान श्रीराम यादव को गोली लग गई। गंभीर रूप से घायल जवान को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। श्रीराम यादव सीवान जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के निवासी बताए जाते हैं। उनकी शहादत की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।
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हथियार सहित दो गिरफ्तार
मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने सिहोरवा गांव के ही निवासी दो अन्य अपराधियों उज्ज्वल कुमार और संत कुमार तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान घटनास्थल से एक कार्बाइन, दो पिस्टल, दो कट्टा और पांच कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और क्षेत्र में कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका था या देने की योजना बना रहा था।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, कुंदन ठाकुर के खिलाफ चकिया थाना, नगर थाना और राजेपुर थाना में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इस मुठभेड़ को पुलिस बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रही है। इधर घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश के लिए छापेमारी अभियान जारी है।
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अधिकारियों ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। वहीं, शहीद जवान श्रीराम यादव के परिजनों के प्रति पुलिस अधिकारियों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जवान की शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा और उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।