बिहार के जमुई के सिकंदरा इलाके में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की दबिश से सियासी और सामाजिक गलियारों में हड़कंप मच गया। EOU की टीम ने जमुई जिला परिषद अध्यक्ष दुलारी देवी और पूर्व एमएलसी प्रत्याशी गुड्डू यादव के आवास पर एक साथ छापेमारी की। अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है। बाहुबली कनेक्शन और बेनामी संपत्तियों की जांच की बात सामने आने से जिला परिषद अध्यक्ष के घर और समर्थकों में बेचैनी बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 6 बजे EOU की टीम सिकंदरा पहुंची। टीम ने सबसे पहले जिला परिषद अध्यक्ष दुलारी देवी के आवास को घेर लिया। इसके बाद टीम का दूसरा हिस्सा पूर्व MLC प्रत्याशी गुड्डू यादव के घर पहुंचा। दोनों जगहों पर एक साथ छापेमारी शुरू होते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। EOU के अधिकारी दस्तावेज, बैंक खाते और संपत्तियों से जुड़े कागजात खंगालने में जुट गए। छापेमारी की भनक लगते ही दोनों नेताओं के समर्थक भी मौके पर पहुंच गए लेकिन पुलिस ने सभी को दूर रखा और जांच जारी रखी।
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कौन हैं दुलारी देवी और गुड्डू यादव?
दुलारी देवी जमुई जिला परिषद की वर्तमान अध्यक्ष हैं। उन्होंने 2011 में सिकंदरा पूर्वी जिला परिषद क्षेत्र से पहली बार चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। 2016 में क्षेत्र आरक्षित होने के बाद उन्होंने सीट बदलकर फिर चुनाव लड़ा और बड़ी जीत हासिल की। पिछले कई वर्षों से वह जमुई की राजनीति में सक्रिय हैं। गुड्डू यादव का नाम जमुई की सियासत में बाहुबली नेता के तौर पर लिया जाता है। वह पूर्व MLC प्रत्याशी रह चुके हैं। उनके खिलाफ दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि कई मामलों में उन्हें राहत मिल चुकी है और कुछ में वह जमानत पर हैं। EOU द्वारा दोनों के घर एक साथ छापेमारी करने से कयास लगाए जा रहे हैं कि जांच किसी बड़े आर्थिक लेन-देन या बेनामी संपत्ति से जुड़ी है।
किन बिंदुओं पर हो रही जांच?
EOU अधिकारियों ने छापेमारी के कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है लेकिन सूत्रों के अनुसार जांच के मुख्य बिंदु ये हैं:
- बेनामी संपत्ति: क्या सरकारी पद का दुरुपयोग कर अवैध तरीके से संपत्ति खरीदी गई
- आय से अधिक संपत्ति: जिला परिषद अध्यक्ष और उनके करीबियों की आय और संपत्ति का अनुपात
- बाहुबली कनेक्शन: क्या आपराधिक मामलों के आरोपियों के साथ मिलकर आर्थिक लेन-देन हुआ
- टेंडर और सरकारी योजनाएं: जिला परिषद के फंड और सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी
EOU टीम दोनों आवासों से कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, जमीन के कागजात और बैंक पासबुक जब्त कर सकती है। इस छापेमारी के बाद सिकंदरा ही नहीं पूरे जमुई जिले में सियासी हलचल तेज हो गई है। जिला परिषद अध्यक्ष के समर्थकों का कहना है कि यह राजनीतिक साजिश है। वहीं, विरोधी इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बता रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह-सुबह पुलिस की गाड़ियां देखकर सभी हैरान रह गए। हर कोई यही चर्चा कर रहा था कि आखिर इतनी बड़ी कार्रवाई क्यों हुई।
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पहले भी रहे हैं विवादों में नाम
गुड्डू यादव पहले भी कई बार विवादों और आपराधिक मामलों के कारण सुर्खियों में रहे हैं। उनके खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या दो दर्जन से अधिक बताई जाती है। वहीं दुलारी देवी लंबे समय से जिला परिषद की राजनीति में हैं। उनके कार्यकाल में कई योजनाएं पास हुई हैं। अब EOU की जांच के बाद उन योजनाओं के फंड के इस्तेमाल पर भी सवाल उठ रहे हैं। EOU के एक अधिकारी ने बताया कि छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों की जांच की जा रही है। बैंक खातों और संपत्तियों का मिलान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी जांच प्रारंभिक चरण में है। जांच पूरी होने और बरामदगी के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।