आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बिहार आर्थिक अपराध इकाई ने बड़ी कार्रवाई की। ईओयू की अलग-अलग टीमों ने बिहार मुक्त विद्यालय एवं परीक्षा बोर्ड के उप निदेशक अजय कुमार सिंह के 4 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। पटना के खाजपुरा और मीठापुर स्थित आवास, बेगूसराय के पैतृक आवास और बिहार मुक्त विद्यालय एवं परीक्षा बोर्ड के कार्यालय में तलाशी चल रही है। एक साथ कई जगहों पर हुई इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग और मुक्त विद्यालय बोर्ड में हड़कंप मच गया है।
ईओयू के अनुसार, अजय सिंह पर अपनी ज्ञात आय के मुकाबले करीब 3 करोड़ 43 लाख 78 हजार 300 रुपये की अनानुपातिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इसी मामले में जांच एजेंसी ने रेड कर दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए हैं।
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4 ठिकानों पर एक साथ दबिश
ईओयू सूत्रों के मुताबिक, जांच टीमों ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। पटना में खाजपुरा और मीठापुर स्थित आवास पर अलग-अलग टीम पहुंची। साथ ही बेगूसराय जिले में उनके पैतृक आवास पर भी टीम ने दबिश दी। इसके साथ ही पटना स्थित बिहार मुक्त विद्यालय एवं परीक्षा बोर्ड के कार्यालय में भी ईओयू की टीम पहुंची। यहां उप निदेशक के चैंबर और संबंधित फाइलों की तलाशी ली गई। एक साथ कई ठिकानों पर कार्रवाई किए जाने से साफ है कि ईओयू मामले की तह तक जाना चाहती है। जांच एजेंसी अलग-अलग जगहों पर मौजूद संपत्ति, बैंक खाते और अन्य दस्तावेजों को खंगाल रही है।
आर्थिक अपराध इकाई ने बताया कि अजय सिंह पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। जांच में पाया गया कि उन्होंने अपनी ज्ञात आय से करीब 3 करोड़ 43 लाख 78 हजार 300 रुपये अधिक की संपत्ति बना ली है। ईओयू की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम किस स्रोत से अर्जित की गई और किन-किन तरीकों से उसे निवेश किया गया। इसी को लेकर दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की बारीकी से जांच की जा रही है।
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दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगाल रही ईओयू
रेड के दौरान ईओयू की टीमें आवास और कार्यालय से संपत्ति से जुड़े कागजात, बैंक पासबुक, जमीन के कागजात, निवेश के दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जब्त कर रही हैं। अधिकारियों की निगाह इस बात पर है कि आरोपी अधिकारी की घोषित आय और उसके नाम या परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों के बीच कितना अंतर है। बिहार मुक्त विद्यालय एवं परीक्षा बोर्ड के कार्यालय में भी टीम ने वित्तीय लेनदेन, टेंडर, नियुक्ति और अन्य प्रशासनिक फाइलों की जांच शुरू की है। आशंका है कि सरकारी पद का दुरुपयोग कर भी संपत्ति अर्जित की गई हो। ईओयू के एक अधिकारी ने बताया कि तलाशी में मिलने वाले दस्तावेज आगे की जांच की दिशा तय करेंगे। जिन संपत्तियों का कोई स्पष्ट स्रोत नहीं मिलेगा उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
ईओयू की इस कार्रवाई के बाद बिहार मुक्त विद्यालय एवं परीक्षा बोर्ड और शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। कार्यालय में कामकाज प्रभावित हुआ। कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि अजय सिंह मुक्त विद्यालय एवं परीक्षा बोर्ड में उप निदेशक के पद पर तैनात हैं। इस पद पर रहते हुए उन पर वित्तीय अनियमितता और आय से अधिक संपत्ति बनाने का आरोप लगा है। छापेमारी पूरी होने के बाद जांच एजेंसी बरामद दस्तावेज, संपत्तियों और अन्य साक्ष्यों की सूची तैयार करेगी। आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच के बाद आरोपी से पूछताछ की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आय से अधिक संपत्ति निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।