देशभर में साइबर ठगों के नए-नए तरीके लोगों को परेशान कर रहे हैं। अब ठग बैंक अधिकारी, बिजली विभाग या
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कंपनी के कर्मचारी बनकर फोन करते हैं। ऐसा ही एक मामला चंडीगढ़ में सामने आया है। सेक्टर 48 के रहने वाले हरप्रीत सिंह को 23 जुलाई को एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने बताया कि उनका गैस कनेक्शन अपडेट करने की जरूरत है।
बातचीत के दौरान उसने हरप्रीत सिंह को व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा और ऐप डाउनलोड करने को कहा। हरप्रीत सिंह ने लिंक पर क्लिक किया तो एक APK फाइल डाउनलोड हुई। ठग ने उन्हें फाइल खोलने, ऐप इंस्टॉल करने और फोन की कुछ सेटिंग्स बदलने के निर्देश दिए। हरप्रीत सिंह निर्देशों का पालन करते रहे। ठग ने इस दौरान उनके क्रेडिट कार्ड की जानकारी भी ले ली।
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कैसे हुई ठगी?
अगले दिन 24 जुलाई को सुबह करीब 9:43 बजे हरप्रीत सिंह को बैंक से मैसेज मिला कि उनके खाते से 'ज़ेप्टो नाउ' के जरिए 1,95,115 रुपये निकाल लिए गए हैं। तभी उन्हें अपनी गलती का पता चला। हरप्रीत सिंह ने तुरंत अपने सभी कार्ड ब्लॉक कर दिए। इसके बाद उसी कार्ड से तीन और बार पैसे निकालने की कोशिश की गई, लेकिन कार्ड ब्लॉक होने की वजह से वे ट्रांजेक्शन रद्द हो गए।
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क्या सावधानी आपको बरतनी चाहिए?
पीड़ित ने तुरंत सेक्टर 17 स्थित साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस और अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कभी भी कोई ऐप डाउनलोड न करें। साथ ही OTP, बैंक डिटेल या कोई भी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। छोटी सी लापरवाही से लाखों रुपये की ठगी हो सकती है।