तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान की मुश्किलें घटने की बजाय बढ़ती जा रही हैं। जहांगीर इस समय पुलिस की गिरफ्त में हैं। मंगलवार को दक्षिण 24 परगना जिले में जहांगीर की रिहाई की मांग को लेकर उनके समर्थकों ने प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज के बाद भीड़ इधर-उधर भागने लगी। हालात ऐसे बने कि कार्रवाई से बचने के लिए दर्जनों प्रदर्शनकारी पास के तालाब में कूद गए।
यह पूरा मामला जिले के फलता इलाके का है। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि जहांगीर खान को कमर में रस्सी बांधकर ऐसे सड़कों पर नहीं घुमाया जाना चाहिए। स्थानीय लोग इसी पुलिसिया कार्रावाई से नाराज थे और लोग सड़कों पर उतर गए।
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प्रदर्शनकारियों ने रास्ता जाम किया
लोग सड़कों पर जैसे ही प्रदर्शन के लिए उतरे कई इलाकों में जाने वाले रास्ते जाम हो गए। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस के साथ में केंद्रीय सुरक्षाबल मौके पर पहुंचे और लोगों से पीछे हटने की अपील की। जब लोगों ने पुलिस की बात नहीं सुनी तो सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज कर दिया।
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तालाब में छलांग लगाने लगे लोग
लाठीचार्ज होते ही पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए लोग जान बचाने के लिए पास में मौजूद तालाब में छलांग लगाने लगे। हालांकि, बाद में लोग तालाब से बाहर निकल गए। फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात है और हालात पर नजर रखी जा रही है।
जहांगीर खान ने साल 2026 का विधानसभा चुनाव तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर फलता सीट से लड़ा था, लेकिन वह हार गए। फलता इलाके में जहांगीर खान का दबदबा रहा है। उनके उपर वोटरों को डराने, ईवीएम में गड़बड़ी करने और हिंसा फैलाने के आरोप लगे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान जहांगीर काफी चर्चा में रहे थे।