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बैल की मौत हुई तो 5000 लोगों को कराया भोज, बेटे जैसा था प्यार

मध्य प्रदेश के देवास में एक किसान ने अपने पच्चीस साल पुराने बैल की मौत पर बेटे जैसा अंतिम संस्कार किया। इसके बाद रखे गए मृत्युभोज में करीब पांच हजार लोग शामिल हुए।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Generated Image

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मध्य प्रदेश के देवास जिले के बालोन गांव में एक किसान परिवार ने अपने बैल की मौत के बाद उसकी याद में बहुत बड़ा मृत्युभोज रखा है। किसान दौलतराम के परिवार ने अपने इस बैल को परिवार के सदस्य और बेटे की तरह माना है। बैल की मौत के बाद परिवार ने इंसान की तरह ही सभी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उसका अंतिम संस्कार किया है। इसके बाद परिवार ने मृत्युभोज किया है जिसमें आसपास के गांवों से आए करीब 5000 लोगों ने साथ बैठकर खाना खाया है।

 

किसान दौलतराम के पास यह बैल 25 साल से था। परिवार का कहना है कि यह बैल उनके परिवार के सदस्य की तरह था। किसान के दिन की शुरुआत और अंत उसी बैल के साथ खेतों में होता था। परिवार ने प्यार से उसका नाम कालू सिंह रखा था। बैल की याद में परिवार ने एक फोटो भी बनवाई है जिस पर मिस यू भाई और स्वर्गीय कालू सिंह बैल लिखा है। इस फोटो को घर में एक खास जगह पर रखा गया है।

 

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विधि-विधान से की अंतिम विदाई

परिवार के लोगों ने किसी अपने परिजन की मृत्यु की तरह ही वैदिक मंत्रों और पारंपरिक रस्मों के साथ बैल का अंतिम संस्कार किया है। इस दृश्य को देखकर गांव के दूसरे लोग भी बहुत भावुक हो गए थे। आज के इस दौर में जब खेती के काम के लिए लोग पूरी तरह ट्रैक्टर और दूसरे मशीनों पर निर्भर हो चुके हैं तब एक किसान परिवार का अपने पुराने पशु साथी के प्रति ऐसा अटूट प्यार, सम्मान और संवेदनशीलता देखकर हर कोई हैरान है और इस बात की चर्चा कर रहा है।

 

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5000 लोगों का मृत्युभोज

इस भोज में करीब 5000 लोगों ने खाना खाया है। इस बड़े आयोजन की चर्चा अब सिर्फ बालोन गांव में ही नहीं बल्कि पूरे जिले और आसपास के इलाकों में हो रही है। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ खाना खिलाने का कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह इस बात का पक्का सबूत है कि इंसान और जानवर का रिश्ता कितना गहरा और सच्चा होता है।

 


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