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लोकायुक्त अधिकारी बनकर सरकारी अफसरों को ठगा, पूर्व कांस्टेबल गिरफ्तार

कर्नाटक के बेंगलुरु की लोकायुक्त पुलिस ने एक पूर्व हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार किया है। हेड कांस्टेबल पर आरोप है कि उसने अधिकारियों को ब्लैकमेल किया।

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सांकेतिक तस्वीर, Photo Credit: AI

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कर्नाटक के बेंगलुरु से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक पूर्व हेड कांस्टेबल पर आरोप है कि उसने सरकारी अधिकारियों को ब्लैकमेल करके उनसे पैसे ऐंठ लिए। बेंगलुरु लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पूर्व हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया है। लोकायुक्त पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इस मामले के सामने आने से कर्नाटक के राजनैतिक गलियारे में भी चर्चा तेज हो गई है। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। 

 

कर्नाटक में पिछले लंबे समय से एक व्यक्ति लोकायुक्त पुलिस के नाम पर सरकारी अधिकारियों को ब्लैकमेल कर उनसे पैसे ऐंठ रहा था। लोकायुक्त पुलिस को इस बारे में मई में शिकायत मिली जब तुमकुरु RTO को एक संदिग्ध कॉल आने के बाद जांच शुरू हुई थी, जिसमें छापेमारी से बचने के लिए रिश्वत की मांग की गई थी। जब शिकायत मिली तो लोकायुक्त पुलिस ने तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करते हुए निंगप्पा सावंत नाम के एक पूर्व हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार किया, जो कि खुद को फर्जी अधिकारी बताकर पैसे ऐंठ रहा था। इस मामले में बेंगलुरु सहित राज्य के कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। इस मामले के सामने आने से कर्नाटक की राजनीति में भी हलचल मच गई है और सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

 

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बड़ा रैकेट होने की आशंका

गिरफ्तारी के बाद लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पूर्व कांस्टेबल निंगप्पा सावंत से पूछताछ की, जिसमें उसने कई बड़े खुलासे किए हैं। आरोपी निंगप्पा ने बताया कि उसने शेषाद्रीपुरम और आनंदराव सर्किल सहित कई जगहों पर सरकारी अधिकारियों को ब्लैकमेल कर उनसे पैसे लिए थे। उसने कहा, 'इन पैसे को मैंने बिटकॉइन में निवेश किया था।' साथ ही निंगप्पा ने लोकायुक्त पुलिस को दो मंत्रियों के करीबियों के नाम भी बताए हैं, जो इस मामले में उसके साथ मिले हुए हैं। आरोपी के इन खुलासों के बाद आशंका जताई जा रही है कि इस काम में कई लोग शामिल हो सकते हैं।

 

अधिकारियों ने आरोप लगाया कि उसने फर्जी पहचान का एक नेटवर्क बनाकर बड़े अधिकारियों से 4.15 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम हड़प ली। कर्नाटक लोकायुक्त ने एक बयान जारी कर कहा, 'उसने कबूल किया है कि उसने अपने और अपने रिश्तेदारों के नाम पर क्रिप्टो करेंसी में उगाही की गई रकम लगाई है। उसके मोबाइल की जांच की गई तो पता चला कि उसने करीब 13 क्रिप्टो वॉलेट में पैसा इन्वेस्ट किया है। पैसे कहां से आए इसका पता लगाने के लिए उसके वॉलेट को फ्रीज कर दिया गया है और जांच जारी है।'

IPS अधिकारी पर जांच की आंच

जांच में पता चला कि निंगप्पा सावंत की लोकायुक्त के बेंगलुरु ऑफिस में नियमित पहुंच थी और उसने अधिकारियों के साथ संबंध बना रखे थे। अधिकारियों के साथ संबंध होने के कारण अब उन पर भी जांच की आंच आ सकती है। पुलिस ने कहा, '2012 बैच के पदोन्नत IPS अधिकारी और लोकायुक्त पुलिस के बेंगलुरु सिटी-1 डिवीजन के पूर्व एसपी जोशी श्रीनाथ महादेव के साथ उनकी निकटता ने उन्हें जांच के दायरे में ला दिया है।'

 

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मामले में जांच जारी 

आरोपी ने इस मामले में पूछताछ के दौरान दो मंत्रियों के करीबियों पर आरोप लगाए थे। हालांकि, फिलहाल पुलिस को दोनों मंत्रियों के करीबियों की भूमिका का कोई सबूत नहीं मिला है। आरोपी को लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार को लोकायुक्त स्पेशल कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि  हेड कांस्टेबल रहे निंगप्पा को कुछ साल पहले नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद उसने लोकायुक्त पुलिस के नाम पर पैसे ऐंठने का धंधा शुरू किया। अब सबकी नजर इस बात पर है कि इस मामले में किन मंत्रियों के करीबियों के नाम सामने आते हैं। 


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