उत्तर प्रदेश के नोएडा में कारोबारी प्रशांत शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। फेज-3 थाना पुलिस ने हत्याकांड में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले कारोबारी से पहचान बढ़ाई, फिर उसे अपनी कार में बैठाकर ले गए। शराब पीने के दौरान विवाद हुआ और आरोप है कि चारों ने मिलकर उसका गला दबा दिया। हत्या के बाद शव को नाले के पास फेंक दिया गया और कार को अलीगढ़ के अकराबाद में पुल के नीचे खड़ा कर आरोपी बस से नोएडा लौट आए। मामले की सबसे अहम कड़ी सिगरेट की दुकान पर लगे CCTV कैमरे की फुटेज बनी।
सेक्टर-121 निवासी प्रशांत शर्मा टैक्सी संचालन के साथ प्रॉपर्टी का कारोबार भी करते थे। 20 सितंबर की रात उनका बेटा फेज-3 थाने पहुंचा और पिता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने प्रशांत की तलाश शुरू की। पुलिस ने गौड़ सिटी और उसके आसपास के इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने 100 से अधिक स्थानों की CCTV फुटेज को खंगाला। इसी दौरान पुलिस को एक सिगरेट की दुकान की फुटेज मिली, जिसमें प्रशांत कुछ युवकों के साथ दिखाई दिए। यही फुटेज पुलिस की जांच में अहम सुराग बनी। फुटेज के आधार पर पुलिस ने युवकों की पहचान शुरू की और उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई।
सिगरेट पीते-पीते हुई थी पहचान
पुलिस के मुताबिक, 16 सितंबर की रात प्रशांत शर्मा तिकोना पार्क के पास गए थे। वहां उनकी मुलाकात गढ़ी चौखड़ी निवासी बिट्टू उर्फ नितिन और निगम ठाकुर से हुई। दोनों के साथ सिगरेट पीने के दौरान उनकी पहचान हुई। इसके बाद प्रशांत दोनों युवकों को अपनी कार में बैठाकर गौड़ सिटी की ओर चले गए।
रास्ते में शराब की एक बोतल खरीदी गई। इसके बाद नितिन ने अपने दो और साथियों मोहित और इरफान को भी बुला लिया। इस तरह प्रशांत समेत पांच लोग एक साथ हो गए। पुलिस के अनुसार, इसके बाद सभी ने साथ बैठकर शराब पी। इसी दौरान प्रशांत ने चारों युवकों को गाली दे दी। आरोप है कि इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। विवाद के बाद चारों आरोपियों ने प्रशांत का गला दबा दिया। इससे उनकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को बिसरख थाना क्षेत्र में एक नाले के पास फेंक दिया।
यह भी पढ़ें: श्राद्ध के दौरान एक को बचाने में डूबते गए लोग, बाप-बेटे समेत पांच की मौत
17 सितंबर को मिला था शव
17 सितंबर को बिसरख थाना पुलिस ने नाले के पास से एक शव बरामद किया था। शव की पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद 20 सितंबर को पुलिस ने अज्ञात शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इधर, प्रशांत शर्मा के परिवार को उनके लापता होने की जानकारी थी। 20 सितंबर की रात उनके बेटे ने फेज-3 थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने CCTV फुटेज के जरिए उनकी तलाश तेज की। जांच के दौरान पुलिस को सिगरेट की दुकान की फुटेज से अहम सुराग मिला और धीरे-धीरे पुलिस उन युवकों तक पहुंच गई, जो प्रशांत के साथ आखिरी बार दिखाई दिए थे।
हत्या के बाद अलीगढ़ में खड़ी कर दी कार
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी प्रशांत की कार लेकर अलीगढ़ के अकराबाद इलाके में पहुंचे। वहां उन्होंने कार को एक पुल के नीचे खड़ा कर दिया। इसके बाद चारों आरोपी 17 सितंबर की सुबह बस से नोएडा लौट आए। आरोपियों को लगा कि कार को दूसरे जिले में छोड़ने से पुलिस तक पहुंचना मुश्किल होगा, लेकिन CCTV फुटेज और पुलिस की जांच ने पूरी कहानी की कड़ियां जोड़ दीं।
यह भी पढ़ें: 21 साल की बाद लिया बाप की हत्या का बदला, दो भाइयों ने हत्यारे को काट डाला
चारों आरोपियों को गढ़ी चौखड़ी से दबोचा
पुलिस ने जांच के बाद मंगलवार तड़के गढ़ी चौखड़ी इलाके से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हाथरस के गौसगंज निवासी नितिन, रायबरेली के दौतरा गांव निवासी निगम ठाकुर, कटिहार के पसौल निवासी मोहित और दरभंगा के बिरौल गांव निवासी इरफान के रूप में हुई है।पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
जांच में हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने, कार को अलीगढ़ ले जाने और फिर बस से नोएडा लौटने की पूरी कड़ी को जोड़ा जा रहा है। CCTV फुटेज से शुरू हुई जांच ने आखिरकार कारोबारी की हत्या की गुत्थी सुलझा दी। पुलिस के मुताबिक, मामूली विवाद से शुरू हुआ मामला हत्या तक पहुंच गया और चारों आरोपियों ने वारदात के बाद सबूतों से बचने के लिए कार को अलीगढ़ में छोड़ दिया था।