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मोतिहारी में सुलेमान अंसारी के पास 1 करोड़ के जाली नोट मिलने से हड़कंप

मोतिहारी में पुलिस ने सुलेमान अंसारी को एक करोड़ रुपये की जाली नोट के साथ पकड़ना है। उसके तीन अन्य साथियों को भी हिरासत में लिया है। सभी से गहन पूछताछ की जा रही है।

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मोतिहारी में पुलिस को बड़ी सफलता। (Photo Credit: Social Media)

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बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार की रात चले ऑपरेशन में पुलिस ने जाली नोट के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया। एसडीपीओ सदर और एसडीपीओ सदर-2 की अगुवाई में पुलिस ने करीब एक करोड़ रुपये के जाली नोट, 13 लाख रुपये असली नकदी और 38 पीस सोने के बिस्किट बरामद किए हैं। इसके साथ ही अवैध हथियार, कारतूस और अपराध में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियां भी जब्त की गई हैं। पुलिस ने मौके से गिरोह के मुख्य सरगना सुलेमान अंसारी समेत 4 शातिर अपराधियों को हिरासत में लिया है। 

पांच थानों की पुलिस ने की रात भर घेराबंदी

यह ऑपरेशन भोपतपुर कल्याणपुर इलाके में चलाया गया। कार्रवाई को बेहद गोपनीय रखा गया था। रात करीब 11 बजे इलाके की पूरी घेराबंदी कर दी गई, ताकि कोई भी अपराधी भाग न सके। इसके बाद घर-घर सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ। इस विशेष अभियान में 2 प्रशिक्षु डीएसपी और 5 थानों की भारी पुलिस फोर्स लगाई गई। एसडीपीओ सदर और एसडीपीओ सदर-2 खुद मोर्चा संभाला। ऑपरेशन सुबह तक चला।

 

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पुलिस ने छापेमारी के दौरान भोपतपुर निवासी मुख्य सरगना सुलेमान अंसारी को गिरफ्तार किया। उसके साथी इम्तियाज और दो अन्य संदिग्धों को भी पकड़ा गया है। पुलिस सभी से पूछताछ करने में जुटी है। 

1 करोड़ के जाली नोट, 13 लाख नकद और 38 सोने के बिस्किट बरामद  

छापेमारी में पुलिस को सबसे बड़ा झटका नकली नोटों के जखीरे से लगा। मौके से करीब 1 करोड़ रुपये के जाली नोट मिले हैं। ये सभी नोट 500 और 200 के हैं और बेहद शातिराना तरीके से छिपाकर रखे गए थे। इसके साथ ही 13 लाख रुपये की असली नकदी मिली है। पुलिस को 38 पीस सोने के बिस्किट भी मिले हैं। बरामद बिस्किटों में फाइन गोल्ड और गोल्ड गोल्ड दोनों शामिल हैं। इसके अलावा अवैध हथियार, कारतूस और अपराध में इस्तेमाल की जाने वाली 2 गाड़ियां भी जब्त की गई हैं।

असली-नकली सोने की अदला-बदली का खेल  

पुलिस को शक है कि यह गिरोह सिर्फ जाली नोट ही नहीं छापता था, बल्कि असली-नकली सोने की अदला-बदली कर लोगों से ठगी भी करता था। रोल गोल्ड के बिस्किट असली बताकर बेचे जाते थे। पुलिस अब यह पता कर रही है कि यह सोना कहां से आया और किन-किन लोगों को बेचा गया?

 

मोतिहारी पुलिस अब इस पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रही है। पुलिस मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर फोकस कर रही है। पहला- इतने बड़े पैमाने पर जाली नोटों का मुख्य सोर्स कहां है। दूसरा- इन नोटों को कहां खपाया जाना था। तीसरा- इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के तार किन-किन राज्यों या नेपाल सीमा से जुड़े हैं। अधिकारियों का कहना है कि बरामद मोबाइल, लेन-देन और गाड़ियों के नंबर से कई अहम सुराग मिले हैं।

 

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नेपाल बॉर्डर से जुड़े होने की आशंका  

पुलिस सूत्रों के अनुसार सुलेमान अंसारी का नेटवर्क नेपाल सीमा तक फैला हो सकता है। जाली नोट और सोना नेपाल के रास्ते भारत में लाया जाता था। फिर इसे बिहार, यूपी और दिल्ली में खपाया जाता था। पुलिस अब एसएसबी और एनआईए के संपर्क में है। बॉर्डर पर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।

 

पुलिस को शक है कि इस सिंडिकेट में कुछ सफेदपोश लोग भी शामिल हो सकते हैं। बिना लोकल सपोर्ट के इतने बड़े पैमाने पर जाली नोट और सोने का कारोबार नहीं चल सकता। एसडीपीओ ने कहा कि पूछताछ के बाद कुछ बड़े कारोबारियों और नेताओं के नाम भी सामने आ सकते हैं। सर्च ऑपरेशन अभी जारी है।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले  

सीमा से सटे इलाकों में जाली नोट और सोने की तस्करी के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन इतनी बड़ी बरामदगी पहली बार हुई है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह पिछले 2 साल से सक्रिय था। अब तक करोड़ों का कारोबार कर चुका है।


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