अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव की सांस्कृतिक संध्या में पंजाबी सूफी गायक सतिंदर सरताज की प्रस्तुति ने हजारों लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे साउंड सिस्टम से जुड़े कर्मचारियों के लिए वापसी का सफर जिंदगी का आखिरी सफर बन गया। कुल्लू दशहरा उत्सव में साउंड सिस्टम की सेवाएं देने के बाद पंजाब लौट रहे चार लोगों की सड़क हादसे में मौत हो गई।
दर्दनाक हादसा चंडीगढ़-कुल्लू-मनाली मुख्य मार्ग पर पंजाब में कीरतपुर साहिब के निकट देहणी गांव के पास हुआ। साउंड सिस्टम का सामान लेकर जा रही गाड़ी अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में वाहन सवार चारों लोगों की जान चली गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और राहत दलों ने बचाव अभियान शुरू किया।
यह भी पढ़ें: हिमाचल: शादी में मेहंदी-हल्दी की रस्म नहीं होगी, मंगलसूत्र बैन, पंचायत का फैसला
सतिंदर सरताज के कार्यक्रम के बाद लौट रहे थे पंजाब
हादसे का शिकार हुई गाड़ी रोपड़ के पंजाब साउंड सिस्टम समूह से संबंधित थी। इसमें सवार लोग अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान आयोजित पंजाबी गायक सतिंदर सरताज के कार्यक्रम में साउंड सिस्टम लगाने की जिम्मेदारी निभाने के बाद वापस लौट रहे थे।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी अपने सामान के साथ पंजाब के रोपड़ की ओर रवाना हुए थे। इसी दौरान देहणी गांव के पास वाहन हादसे का शिकार हो गया। प्रारंभिक जानकारी में वाहन के अनियंत्रित होने की बात सामने आई है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
ढाई घंटे तक चला राहत बचाव अभियान
गाड़ी गहरी खाई में गिरने के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके चलते उसमें फंसे लोगों को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण रहा। हादसे की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की टीम मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव कार्य के लिए मशीनों की मदद ली गई। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त गाड़ी से चारों लोगों के शव बाहर निकाले गए। इसके बाद शवों को श्री आनंदपुर साहिब स्थित भाई जैता जी सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह भी पढ़ें: गुलाबी ठंड में सतिंदर सरताज ने लाई गर्माहट, सूफियाना रंग में रंगा कुल्लू दशहरा
चार परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे ने चार परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। कुल्लू दशहरा जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में तकनीकी सेवाएं देने के बाद घर लौट रहे इन लोगों के साथ रास्ते में हुई दुर्घटना ने उत्सव की चकाचौंध के पीछे काम करने वाले कर्मचारियों की मुश्किलों को भी सामने ला दिया है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों की प्रस्तुति के साथ साउंड, लाइट और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की अहम भूमिका होती है।
इन व्यवस्थाओं को संभालने वाले कर्मचारियों को कई बार लंबे समय तक काम करने और देर रात यात्रा करने की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, इस हादसे में दुर्घटना की वजह क्या रही, यह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। कीरतपुर साहिब पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे के कारणों और मृतकों से संबंधित शेष विवरणों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।