संजय सिंह, पटना। बिहार में घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। गैस बुकिंग के महज 3 से 4 दिनों के भीतर अब सिलेंडर सीधे घर तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे एजेंसियों पर लगने वाली भीड़ और असुविधा से छुटकारा मिल रहा है। साथ ही, उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए केवाईसी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है, जिससे लोग घर बैठे ही अपना सत्यापन आसानी से पूरा कर सकते हैं।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद राज्य में गैस आपूर्ति पूरी तरह संतुलित और मांग के अनुरूप बनी हुई है। गैस एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित करें और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मंत्री ने कहा कि इंडियन ऑयल वन, हेलो बीपीसीएल और एचपी पे जैसे मोबाइल ऐप के जरिए अब उपभोक्ता घर बैठे ही केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि फर्जी कनेक्शनों और अनियमितताओं पर भी रोक लगेगी।
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कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई
घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण, कालाबाजारी और व्यावसायिक दुरुपयोग को रोकने के लिए राज्यभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 25,560 स्थानों पर छापेमारी की जा चुकी है, जिसमें 1662 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसके साथ ही 114 मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। मंत्री ने साफ कहा कि इस तरह की अनियमितताओं में शामिल लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय कर दिया गया है। यहां से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
पीएनजी सेवा का तेजी से विस्तार
राज्य में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) सेवा का दायरा भी तेजी से बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में 99,346 घरों में पीएनजी कनेक्शन चालू हैं, जबकि 55,025 घरों में कनेक्शन देने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। करीब 3.39 लाख घरों में इसके लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा चुका है।
मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष जहां हर महीने 3,000 से 3,500 नए कनेक्शन दिए जा रहे थे, वहीं मार्च 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 8,000 प्रति माह तक पहुंच गया है। फिलहाल राज्य के 17 जिलों में पाइपलाइन के जरिए गैस आपूर्ति हो रही है, जिसे आने वाले समय में और विस्तारित किया जाएगा।
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किसानों को समय पर भुगतान
खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में राज्य ने धान खरीद के लक्ष्य को लगभग पूरा कर लिया है। 31 मार्च 2026 तक 36.85 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के मुकाबले 36.79 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई, जिसमें 5,40,474 किसानों को 8,807.47 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं रबी विपणन मौसम 2026-27 के तहत 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद सभी जिलों में शुरू हो चुकी है। इसके अलावा मसूर की खरीद 10 अप्रैल से 31 मई तक की जाएगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
शादी-विवाह सीजन में विशेष व्यवस्था
विभागीय सचिव अभय कुमार सिंह ने बताया कि शादी-विवाह के मौसम में गैस सिलेंडर की कमी न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा प्रवासी मजदूरों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर उपभोक्ता तक समय पर और सुगमता से गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करना है, ताकि किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े।