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गया में पितृपक्ष मेला की तैयारी तेज, मंत्री ने अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

गया में पितृपक्ष मेला की तैयारियां तेज हो गई हैं। विजय कुमार सिन्हा ने मेला क्षेत्र का दौरा कर सफाई, सुरक्षा, पानी और ठहरने की व्यवस्था समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।

vijay kumar sinha

विजय कुमार सिन्हा, Photo Credit- Social Media

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बिहार के गया में पितृपक्ष मेला की तैयारियां तेज हो गई हैं। गया जिले के प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा सोमवार को विष्णुपद मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर में पूजा की और भगवान विष्णु के चरणों में मत्था टेका। इसके बाद उन्होंने पितृपक्ष मेला क्षेत्र का दौरा किया और वहां चल रहे कामों को देखा। इस दौरान गया के जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक समेत सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रभारी मंत्री ने मेला क्षेत्र में चल रहे कामों की जानकारी ली और अधिकारियों को समय पर सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।

 

निरीक्षण के बाद प्रभारी मंत्री ने कहा, 'हर साल की तरह इस बार भी पितृपक्ष मेला पूरे उत्साह, आस्था और सनातन संस्कृति के साथ लगेगा।' मेले की तैयारियों में सरकार और प्रशासन पूरी तरह जुटा हुआ है। उन्होंने कहा, 'गयाजी का पितृपक्ष मेला बिहार ही नहीं बल्कि देश और दुनिया में आस्था का बड़ा केंद्र है। हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अपने पितरों की शांति और मोक्ष के लिए गयाजी पहुंचते हैं। यहां फल्गु नदी के तट पर पिंडदान और तर्पण किया जाता है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सेवा में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए।'

 

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श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर

प्रभारी मंत्री ने कहा, 'मेले में आने वाले हर श्रद्धालु को सम्मान, सुरक्षा और अच्छी सुविधा मिले, यह सभी की जिम्मेदारी है। प्रशासनिक अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंडा समाज और धर्म से जुड़े लोगों को मिलकर सेवा भाव से काम करना होगा। पितृपक्ष मेले को लेकर लगातार बैठकें की जा रही हैं। पिछले साल की कमियों और श्रद्धालुओं से मिले सुझावों के आधार पर इस बार व्यवस्थाओं को और बेहतर किया जा रहा है।' 

 

अधिकारियों को सफाई, यातायात, पीने का पानी, बिजली, ठहरने की जगह और सुरक्षा जैसी जरूरी सुविधाएं समय पर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सिन्हा ने कहा, 'मेले के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक और सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा। पिछले साल जो कमियां रह गई थीं उन्हें इस बार दूर किया जाएगा। भीड़, ट्रैफिक और सुरक्षा को लेकर खास तैयारी की जा रही है।' 

 

फल्गु नदी के घाटों, विष्णुपद मंदिर, देवघाट, सीताकुंड, अक्षयवट, मंगला गौरी समेत सभी प्रमुख पिंडदान वाली जगहों पर सफाई और सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाएगा।' श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए टेंट सिटी, जर्मन हैंगर, यात्री शेड और रैन बसेरों की व्यवस्था की जा रही है। पीने के पानी के लिए जगह-जगह वाटर एटीएम और प्याऊ लगाए जाएंगे। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का भी खास ध्यान रखा जाएगा।

 

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मंत्री खुद रख रहे नजर

प्रभारी मंत्री ने कहा, 'बिहार में विकास के साथ अपनी विरासत और संस्कृति को बचाने का भी काम हो रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की पुरानी विरासत और संस्कृति को आगे बढ़ाया जा रहा है। गयाजी का पितृपक्ष मेला इसका बड़ा उदाहरण है। गयाजी धार्मिक जगह होने के साथ बिहार की सांस्कृतिक पहचान भी है। यहां आने वाला हर श्रद्धालु बिहार की अच्छी याद लेकर जाए इसके लिए सरकार और प्रशासन पूरी तरह तैयार है।'

 

सिन्हा ने कहा कि गया जिले के प्रभारी मंत्री के तौर पर वह खुद मेले की तैयारियों पर नजर रख रहे हैं। वह लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं और तैयारियों की जानकारी ले रहे हैं। श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी होने पर उसके समाधान के लिए वह खुद भी मदद करेंगे। उन्होंने कहा, 'मेले के दौरान किसी श्रद्धालु को परेशानी होती है तो वह जिला प्रशासन से संपर्क कर सकता है। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर और कंट्रोल रूम भी चालू रहेगा।'

 

निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को कई और निर्देश दिए। उन्होंने कहा, 'मेला क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया जाए, सड़कों की मरम्मत समय पर पूरी हो, स्ट्रीट लाइटें ठीक की जाएं और जगह-जगह साइनेज लगाए जाएं। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को रास्ता ढूंढने में परेशानी नहीं होगी।'


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