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प्रदूषण बढ़ने के बाद दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू; क्या खुला, क्या रहेगा बंद?

दिल्ली-NCR में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का पहला चरण (GRAP-1) लागू कर दिया गया है। पढ़ें दिल्ली में GRAP-1 के तहत क्या-क्या बंद रहेगा।

GRAP-1

सांकेतिक तस्वीर, Photo Credit-ChatGPT

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दिल्ली-NCR में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का पहला चरण (GRAP-1) लागू कर दिया गया है। वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसकी जानकारी दी है। 

 

GRAP-1 लागू होने के साथ ही दिल्ली-NCR में प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए कई तरह के प्रतिबंध और दिशा निर्देश जारी किया गया है। ऐसे में GRAP-1 लागू होने वाले क्षेत्र में निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े काम जिसमें धूल उड़ते हैं वह काम बंद रहेगा। आइए जानते हैं दिल्ली NCR में GRAP-1 लागू होने के बाद क्या-क्या बंद रहेगा?

 

यह भी पढ़ें: बालेंद्र शाह भारत क्यों आ रहे हैं, नेपाल ने अचानक बदली नीति? 

क्या होता है GRAP?

ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाने वाला इमरजेंसी सिस्टम है। इसे 4 चरणों में लागू किया जाता है। 

 

पहला चरण (GRAP-1) AQI 201 से 300 (खराब)
दूसरा चरण 2 (GRAP-2): AQI 301 से 400 (बहुत खराब)
तीसरा चरण 3 (GRAP-3): AQI 401 से 450 (गंभीर)
चौथा चरण 4 (GRAP-4): AQI 450 से ऊपर (अत्यंत गंभीर) 

GRAP-1 में क्या-क्या बंद रहेगा, किन चीजों पर लगी रोक?

GRAP-1 के तहत बिना अनुमति खुले में कचरा जलाना बंद, नगर निगम के कचरे और पेड़-पौधों से निकले कचरे को खुले में जलाने पर रोक है। निर्माण स्थलों पर धूल फैलाने वाले कामों पर कंट्रोल रहेगा, धूल रोकने के नियमों का पालन करना जरूरी है। 500 वर्ग मीटर या उससे बड़े ऐसे निर्माण स्थलों पर काम नहीं किया जा सकता, जो जरूरी वेब पोर्टल पर रजिस्टर्ड नहीं हैं या तय शर्तें पूरी नहीं करते।


इसके अलावा, होटल और ढाबों में कोयले व लकड़ी का इस्तेमाल पर रोक, इसके लिए व्यावसायिक तंदूरों में कोयले और लकड़ी को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने पर रोक है। डीजल जनरेटर का इस्तेमाल पर रोक, डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर लागू नियमों का पालन करना होगा। इन्हें नियमित बिजली सप्लाई के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल नहीं करना है।

 

प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई पर रोक, प्रदूषण जांच के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। ज्यादा धुआं छोड़ने वाले वाहनों को जब्त करने या जुर्माना लगाने जैसी कार्रवाई हो सकती है। पुराने वाहनों पर नियम लागू होगा, तय नियमों के तहत प्रतिबंधित पुराने डीजल-पेट्रोल वाहनों को चलाने की अनुमति नहीं है। फैक्ट्रियों पर निगरानी बढ़ेगी, प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों, ईंट भट्ठों और हॉट मिक्स प्लांट पर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उल्लंघन पर कार्रवाई हो सकती है। 


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