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पटवारी से नहीं करनी थी शादी, इस वजह से लापता हुई थीं अर्चना

मध्य प्रदेश के भोपाल से लापता अर्चना तिवारी मामले की गुत्थी पुलिस ने सुलझा है। अर्चना तिवारी मध्य प्रदेश से नेपाल पहुंच गई थीं। इसके बाद वह लखीमपुर खीरी में नेपाल बॉर्डर पर मिलीं।

Archana Tiwari.

अर्चना तिवारी। (Photo Credit: Social Media)

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पिछले कई दिनों से लापता मध्य प्रदेश की अर्चना तिवारी मंगलवार को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर-खीरी जिले में मिली हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि अर्चना तिवारी ने खुद ही अपने लापता होने की पटकथा लिखी थी। मध्य प्रदेश की कटनी जिले की रहने वालीं अर्चना तिवारी शादी नहीं करना चाहती थीं। इससे बचने की खातिर ही उन्होंने अपनी गुमशुदगी की कहानी गढ़ी। हालांकि मंगलवार को पुलिस ने नेपाल सीमा के पास से उन्हें पकड़ा। 

 

बता दें कि 7 अगस्त को अर्चना तिवारी नर्मदा एक्सप्रेस से इंदौर से कटनी जा रही थीं। मगर घर नहीं पहुंचने पर उनकी तलाश शुरू की गई। अर्चना की आखिरी लोकेशन भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन में मिली थी। अर्चना इंदौर हाई कोर्ट में वकालत के अलावा जज की परीक्षा की तैयारी करती हैं।

 

भोपाल जीआरपी के पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा ने प्रेसवार्ता में बताया कि अर्चना के घरवालों ने एक पटवारी के साथ रिश्ता तय किया था। मगर अर्चना इस रिश्ते से खुश नहीं थीं। घरवालों ने उन पर शादी का दबाव बनाया तो इससे बचने की खातिर अर्चना ने अपनी गुमशुदगी की साजिश रची। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि युवती अपनी मर्जी से अलग-अलग स्थानों पर घूम रही थी। इस कारण अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।

 

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कहां-कहां घूमी अर्चना तिवारी?

पुलिस के मुताबिक अर्चना तिवारी ने पूछताछ में बताया कि कुछ दिन पहले घरवालों ने जानकारी दी कि रिश्ते के लिए एक पटवारी लड़का देखा है। घरवाले बार-बार शादी का दबाव बना रहे थे। इस वजह से मानसिक तौर पर परेशान हो गई थी। युवती के हवाले से पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से अर्चना को कटनी जाना था। मगर वह इटारसी में ही उतर गईं। इसके बाद अपने दोस्तों की मदद से शुजालपुर, इंदौर, हैदराबाद, दिल्ली, नेपाल के धनगुढ़ी और काठमांडू गईं।

दोस्तों के साथ रची गुमशुदगी की कहानी

अर्चना के लापता होने के बाद उनके परिजनों ने भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा का कहना है कि अर्चना ने सारांश और तेजेंद्र के साथ मिलकर अपनी गुमशुदगी की कहानी गढ़ी थी। शुजालपुर का रहने वाला सारांश 7 अगस्त को अर्चना के साथ ही ट्रेन पर था। दोनों की इंदौर में दोस्ती हुई थी।

इटारसी से कैसे निकली अर्चना?

पुलिस अधीक्षक के मुताबिक इटारसी स्टेशन के जिन स्थानों पर सीसीटीवी फुटेज नहीं लगे हैं। इसकी जानकारी अर्चना को तेजेंद्र ने मुहैया करवाई। नर्मदापुरम में अर्चना को कपड़े भी दिए और इटारसी स्टेशन से बाहर निकलने में मदद की। लोकेशन छिपाने के लिए अर्चना ने अपना मोबाइल बागतवा के जंगलों में फेंक दिया। इसके बाद सारांश के साथ कार में निकल गई।

 

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अर्चना तक कैसे पहुंची पुलिस?

पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि इस घटना के बीच ही दिल्ली पुलिस एक मामले में तेजेंद्र को अपने साथ ले गई। वहां पूछताछ में इस मामले की भी परत खुल गई। जीआरपी की एक टीम दिल्ली पहुंची। उसने तेजेंद्र से पूछताछ की और बाद में सारांश को दबोचा। सारांश की मदद से अर्चना को काठमांडू से बुलाया गया। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक अर्चना ने सारांश के साथ प्रेम संबंध से इंकार कर दिया है।

 

 


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