भारतीय जनता पार्टी को नए-नए प्रयोग करने के लिए जाना जाता है। इसी कड़ी में पार्टी की गुजरात इकाई ने एक नया प्रयोग करते हुए मेहसाणा नगर निगम चुनाव में एक ऐसे शख्स को टिकट दिया है, जिसने इससे पहले कभी राजनीति में कदम नहीं रखा था। बीजेपी ने वार्ड नंबर 13 से रमेश भील को उम्मीदवार बनाया है। रमेश भील लगभर 30 सालों से गुजरात पार्टी कार्यालय में चपरासी के तौर पर काम करते रहे हैं।
मेहसाणा नगर निगम चुनाव में उठाए गए इस कदम ने टिकट बंटवारे के मामले में बीजेपी को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है कि वह साधारण कार्यकर्ता को भी सरकार में भारी दे सकती है। 50 साल के रमेश भील ने शनिवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया।
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लोगों को चाय-पानी पिलाते थे रमेश
रमेश भील चपरासी के तौर पर काम करते रहे हैं। उन्होंने 10वीं तक पढ़ाई की है और बीते 28 सालों से मेहसाणा जिला बीजेपी कार्यालय में नौकरी कर रहे हैं। वह यहां कार्यालय संचालन और नेताओं-कार्यकर्ताओं की देखभाल करते रहे हैं। बताया गया है कि रमेश भील बीजेपी दफ्तर में आने वाले लोगों को चाय-पानी पिलाते थे।
कार्यकर्ताओं का बढ़ा हौसला
बीजेपी के इस फैसले को पार्टी कार्यकर्ता प्रथम सोच का उदाहरण मान रहे हैं। पार्टी गुजरात में स्थानीय स्तर पर यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि संगठन में लंबे समय से मेहनत करने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं को भी आगे बढ़ने का मौका मिलता है।
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नामांकन के बाद रमेश भील ने कहा कि उन्होंने सालों तक समर्पण के साथ पार्टी की सेवा की है और अब उन्हें जनता की सेवा करने का मौका मिला है, जिसे वे पूरी ईमानदारी से निभाएंगे। चुनावी माहौल के बीच उनकी उम्मीदवारी लोगों का ध्यान खींच रही है। बता दें कि गुजरात में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। बीजेपी जमीन पर कार्यकर्ताओं और नेताओं को भेजकर जनता की नब्ज टटोल रही है।