हरियाणा के गुरुग्राम में राजीव चौक के पास ट्रैफिक पुलिस सड़क पर आने-जाने वाले वाहनों की जांच कर रही थी। चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक स्कूटर को रुकवाया और ड्राइवर से गाड़ी के कागज दिखाने को कहा लेकिन ड्राइवर कोई भी कागज नहीं दिखा पाया। जब पुलिस ने इस स्कूटर का ऑनलाइन रिकॉर्ड चेक किया, तो इस साधारण से दिखने वाले वाहन पर मोटर वाहन अधिनियम 1988 के नियमों के तहत कुल 96 पेंडिंग चालान दर्ज मिले।
अधिकारियों ने बताया कि इनमें से 1 चालान मशीन से कटा था जबकि बाकी 95 चालान रास्ते में लगे कैमरों की मदद से बने थे। ट्रैफिक नियमों को बार-बार तोड़ने की वजह से इन सभी चालानों का कुल जुर्माना बढ़कर 10 लाख रुपये हो गया था। इतनी बड़ी रकम बकाया देखकर पुलिस ने बिना देर किए स्कूटर को अपने कब्जे में ले लिया और जब्त करके थाने ले गई।
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कैसे पकड़ी गई गाड़ी?
ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वे रूटीन चेकिंग कर रहे थे तभी इस स्कूटर को रोका गया था। कागज मांगने पर जब ड्राइवर कुछ नहीं दिखा पाया तो पुलिस ने गाड़ी का नंबर डालकर पिछला रिकॉर्ड निकाला। रिकॉर्ड देखने पर पता चला कि इस पर 96 चालान लंबे समय से पेंडिंग हैं। इनमें से ज्यादातर चालान रास्ते में लगे स्मार्ट कैमरा से कटे थे। ये स्मार्ट कैमरा गाड़ी की फोटो खींचकर खुद चालान बना देते हैं जो ड्राइवर को बिना रोके सीधे सिस्टम में पहुंच जाते हैं। गाड़ी चलाने वाले या इसके मालिक ने लंबे समय से एक भी चालान के पैसे नहीं भरे थे।
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कैसे जुड़े इतने सारे चालान?
समय बीतता गया और छोटे-छोटे जुर्माने जुड़ते-जुड़ते 10 लाख रुपये की बहुत बड़ी रकम बन गए। जब वाहन मालिक की इस लापरवाही का पुलिस को पता चला तो उन्होंने तुरंत स्कूटर को थाने में खड़ा करवा दिया। ट्रैफिक अधिकारियों ने साफ कह दिया है कि जब तक गाड़ी का मालिक पूरे 10 लाख रुपये का जुर्माना नहीं चुका देता, तब तक यह स्कूटर उसे वापस नहीं मिलेगा। इस बड़ी कार्रवाई से गाड़ी चलाने वाले लोगों में हड़कंप मच गया है।