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मानेसर की फैक्ट्रियों में सैलरी बढ़ाने के लिए प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

दिल्ली से सटे गुरुग्राम के मानेसर में कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं और सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इस बीच कर्मचारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई लोग घायल हो गए।

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मानेसर में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, Photo Credit: Screengrab

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दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित मानेसर में पुलिस और कर्मचारी आमने सामने आ गए। मानेसर में छह से ज्यादा कंपनियों के कर्मचारी सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए। बुधवार को कर्मचारियों ने एसडीएम के ऑफिस का घेराव भी किया और बाद में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हो गई।

 

मानेसर में धारा 163 लागू है और कर्मचारियों को हटाने के लिए पुलिस ने बल का प्रयोग किया। हड़ताल के कारण कर्मचारियों का काम ठप्प हो गया है। कर्मचारी काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं। कर्मचारी गेट पर इकट्ठा हुए तो पुलिस उन्हें खदेड़ने लगी और लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद वहां भगदड़ मच गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया है। हालांकि, प्रदर्शनकारी कर्मचारी काम पर लौटने से मना कर रहे हैं। 

 

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कई घायल हुए

इस भगदड़ में कई कर्मचारी घायल हो गए। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस भगदड़ में 50 प्रदर्शनकारी घायल हो गए। इसके साथ ही 20 कर्मचारी भी घायल हो गए हैं। एक कर्मचारी के सिर पर लाठी लगने से काफी ज्यादा खून बह गया है। पुलिस ने कहा कि यहां धारा 163 लागू है और किसी भी तरह का धरना प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है।

 

पुलिस की बाइक को लगाई आग

लाठीचार्ज के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने सामने आ गए। विरोध में हंगामा करते हुए कर्मचारियों ने पुलिस की बाइक को आग के हवाले कर दिया। इसके साथ ही एक बोलेरो में भी तोड़फोड़ की गई है। इसके साथ ही डायल 112 की एक गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ा। अभी इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। 

 

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क्या है पूरा मामला?

एक कंपनी होंडा ने अपने कर्मचारियों की सैलरी को 11 हजार रुपये से बढ़ाकर 16 हजार कर दी है। इस कंपनी के कर्मचारी भी लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे थे और सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इसके बाद आधा दर्जन से ज्यादा कंपनियों के कर्मचारी भी सैलरी बढ़ाने की मांग पर अड़ गए। पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए फोर्स को तैनात किया लेकिन गुरुवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। कर्मचारियों की यूनियन का कहना है कि पुलिस उनसे काम पर लौटने का आग्रह करने के बजाय काम करने के लिए बाध्य कर रही है। 


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