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ऑनलाइन दिखाते थे साड़ी और सूट, 20 राज्यों में 4 हजार लोगों को लूट लिया

गुजरात के सूरत के दो ठगों ने ऑनलाइन कपड़े बेचने के नाम पर 20 राज्यों के 4,200 लोगों को लाखों का चूना लगाया। ये शातिर आरोपी सुंदर फोटो दिखाकर लोगों को बेहद घटिया क्वालिटी का सामान भेज रहे थे।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: Freepik

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गुजरात के सूरत में साइबर क्राइम पुलिस ने एक ऐसे गुट का पर्दाफाश किया है जिसने 'पवित्रा वियर' नाम की वेबसाइट के जरिए देश के 20 राज्यों में लगभग 4,200 लोगों को अपना शिकार बनाया। इस मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पुणागाम का रहने वाला 29 वर्षीय अंकित अजुड़िया और मोटा वराछा का रहने वाला 25 वर्षीय मौलिक दुधगरा शामिल है। ये दोनों आरोपी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सुंदर कपड़ों की तस्वीरें दिखाकर लोगों को बेहद घटिया क्वालिटी का सामान भेजकर लाखों की चपत लगा रहे थे।

 

अंकित और मौलिक ने मिलकर www.pavitrawear.com नाम की एक फर्जी वेबसाइट तैयार की थी। उन्होंने सरोली के कोहिनूर कॉम्प्लेक्स में अपना ऑफिस बनाया और वहां से ठगी का धंधा चलाने लगे। इस वेबसाइट पर महिलाओं के सूट और साड़ियों की बहुत आकर्षक तस्वीरें लगाई गई थीं, जिनकी कीमत 1,000 रुपये से 1,300 रुपये के बीच रखी गई थी। जब कोई ग्राहक इन तस्वीरों को देखकर ऑर्डर देता, तो उसे बदले में 200 रुपये से भी कम कीमत वाले बेहद खराब और पुराने जैसे कपड़े भेज दिए जाते थे।

 

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विज्ञापन दिखाने में चालाकी

इन आरोपियों ने अपने फर्जी कारोबार को बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन चलाए। इन्होंने एक बहुत ही शातिर दिमाग लगाया और विज्ञापन की सेंटिंग्स में गुजरात राज्य को हटा दिया। इसका मतलब यह था कि इनके विज्ञापन गुजरात में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को दिखाई नहीं देते थे। ऐसा इसलिए किया गया ताकि स्थानीय पुलिस या आसपास के लोग इनकी सच्चाई न जान सकें और इनके खिलाफ कोई स्थानीय शिकायत दर्ज न हो। इनका पूरा फोकस गुजरात से बाहर के राज्यों पर था।

 

पुलिस की तकनीकी जांच में यह बात सामने आई है कि इन ठगों ने पिछले सिर्फ दो महीनों के अंदर ही करीब 20 लाख रुपये की मोटी कमाई कर ली थी। इसमें से 13.30 लाख रुपये कैश ऑन डिलीवरी के जरिए मिले थे जबकि 6.61 लाख ऐसी ईमेल मिलीं जिनमें लोगों ने अपने पैसे वापस मांगे थे। अब तक नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर इनके खिलाफ देशभर में लगभग 2,000 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।

पुलिस की कार्रवाई

इस बड़े घोटाले का खुलासा जब हुआ जब गाजियाबाद के दो पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत की। इनमें से एक से 1,200 रुपये और दूसरे से 1,100 रुपये की ठगी की गई थी। डीसीपी विशाखा जैन की टीम ने जब मामले की तहकीकात शुरू की और तकनीकी सबूत जुटाए तो सीधे सूरत के कोहिनूर कॉम्पलेक्स से जुड़े मिले। पुलिस ने वहां छापेमारी कर अंकित और मौलिक को मंगलवार को पकड़ा और बुधवार को आधिकारिक तौर पर उनकी गिरफ्तारी की गई।

 

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जुर्म की वजह

पूछताछ को दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वे पहले कपड़े का असली व्यापार करते थे। उस व्यापार में उन्हें काफी घाटा हो गया था, जिसकी भरपाई करने के लिए उन्होंने लोगों को ठगने का यह आसान रास्ता चुना। पुलिस ने इनके पास से मोबइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामाद किए हैं। पुलिस ने इन दोनों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4) के तहत धोखाधड़ी, धारा 61(2) के तहत आपराधिक साजिश और आईटी एक्ट की धारा 66(d) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।


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