हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर इलाके का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक अपनी जान की परवाह किए बिना उफनते नाले में उतरकर दूल्हे को पीठ पर बैठाकर दूसरी तरफ ले जाता दिख रहा है। बताया जा रहा है कि युवक का नाम सुरेश कुमार है। वीडियो वायरल होने के बाद बडग्राम पंचायत के लोगों की सालों पुरानी परेशानी भी सामने आ गई है।
बताया जा रहा है कि भरमौर के बडग्राम क्षेत्र में देर रात बादल फटने के बाद पलानी नाला अचानक उफान पर आ गया। देखते ही देखते शांत दिखने वाला नाला तेज बहाव वाली खतरनाक धारा में बदल गया। इस दौरान बारात और ग्रामीण नाले के दोनों ओर फंस गए। हालात इतने बिगड़ गए कि नाले को पार करना जान जोखिम में डालने के बराबर हो गया।
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सुरेश कुमार ने दिया साहस का परिचय
इस मुश्किल वक्त में मलकौता के रहने वाले सुरेश कुमार ने हिम्मत दिखाई। उन्होंने दूल्हे को अपनी पीठ पर बैठाया और तेज बहाव के बीच नाला पार कराकर उसे सुरक्षित दूसरी तरफ पहुंचाया। यह नजारा कुछ देर के लिए ऐसा था कि वहां मौजूद लोगों की सांसें थम गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने सुरेश के इस हौसले की जमकर तारीफ की। अगर उस वक्त पानी का बहाव थोड़ा और तेज हो जाता तो दोनों की जान मुश्किल में पड़ सकती थी।
इस घटना का वीडियो मंजु क्षत्रिय ने अपने कैमरे में रिकॉर्ड किया। रात का अंधेरा, तेज बहता पानी और उसके बीच दूल्हे को पीठ पर उठाकर नाला पार करते सुरेश का वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। वीडियो देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस वक्त वहां हालात कितने खतरनाक रहे होंगे।
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पुल नहीं होने पर उठे सवाल
इस घटना ने बडग्राम पंचायत के लोगों की वर्षों पुरानी परेशानी भी सामने ला दी है। ग्रामीणों के अनुसार पलानी नाले पर स्थायी पुल नहीं होने के कारण बरसात के मौसम में आवाजाही हमेशा जोखिम भरी रहती है। सामान्य दिनों में किसी तरह लोग नाला पार कर लेते हैं लेकिन बारिश और बादल फटने जैसी घटनाओं के दौरान यही रास्ता जानलेवा बन जाता है।
ग्रामीण लंबे समय से यहां पक्का पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि हर बार किसी सुरेश कुमार के हौसले के भरोसे लोगों की जान नहीं बचाई जा सकती। प्रशासन को हादसा होने का इंतजार करने के बजाय समय रहते पुल बनवा देना चाहिए, ताकि अगली बार किसी दूल्हे या ग्रामीण को उफनते नाले को पार करने के लिए अपनी जान जोखिम में न डालनी पड़े।