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पूर्व ARTO के घर से 13 किलो सोना, 20 करोड़ के जेवर और 1.62 करोड़ कैश बरामद

यूपी की राजधानी लखनऊ में बुधवार को विजिलेंस टीम ने पूर्व एआरटीओ के आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापा मारा। घर पर करोड़ों का कैश, सोना चांदी, हीरे जवाहरात व बैनामी संपत्तिों के दस्तावेज मिले।

ex arto lalit kumar

पूर्व एआरटीओ ललित कुमार, Photo Credit Social Media

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उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत विजिलेंस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आगरा में तैनात रहे पूर्व एआरटीओ ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर छापेमारी की। दो दिनों तक चली तलाशी में टीम ने 1.62 करोड़ रुपये नकद, 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी, हीरे-जवाहरात, करोड़ों रुपये की संपत्तियों के दस्तावेज और एक करोड़ रुपये से अधिक के निवेश संबंधी रिकॉर्ड बरामद किए हैं। बरामद सोना-चांदी और आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई है।

 

इस कार्रवाई के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सतर्कता अधिष्ठान के अनुसार, ललित कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वर्ष 2024 में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया था। शासन के निर्देश पर चल रही जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 7 और 8 जुलाई को लखनऊ के अलीगंज स्थित उनके आवास पर छापेमारी की गई।

घर से निकला नकदी और सोने का बड़ा जखीरा

तलाशी के दौरान विजिलेंस टीम को 1.62 करोड़ रुपये नकद, 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी, बड़ी मात्रा में हीरे-जवाहरात और अन्य कीमती आभूषण मिले। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद बहुमूल्य धातुओं और आभूषणों का बाजार मूल्य लगभग 20 करोड़ रुपये है। बरामदगी का पूरा विवरण सूचीबद्ध कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

 

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चार जिलों में करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज मिले

छापेमारी के दौरान लखनऊ, नोएडा, बाराबंकी और रायबरेली में स्थित कई आवासीय प्लॉट, फ्लैट, कृषि भूमि और अन्य अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। विजिलेंस अब इन संपत्तियों के स्रोत, खरीद के समय और भुगतान के तरीके की जांच कर रही है।

 

 

जांच टीम ने घर से टोयोटा इनोवा और हुंडई आई-20 कार भी बरामद की हैं। इसके अलावा एक लाइसेंसी रिवॉल्वर, बैंक खातों, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट में एक करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। मकान की साज-सज्जा और घरेलू उपकरणों पर भी लाखों रुपये खर्च किए जाने के प्रमाण मिले हैं।

 

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विजिलेंस की जांच होगी और व्यापक

अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों की गहन जांच के बाद यदि अन्य बेनामी संपत्तियों या अवैध निवेश का पता चलता है तो उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मामले में आय के स्रोत, संपत्तियों के वास्तविक मूल्य और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है। इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली लखनऊ सेक्टर की विजिलेंस टीम को पुलिस महानिदेशक और निदेशक सतर्कता ने एक लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है। विजिलेंस का कहना है कि भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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