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'I Love Muhammad' विवाद: मुस्लिम नेता की SHO को धमकी- 'हाथ काट दूंगा'

कानपुर से 'आई लव मोहम्मद' वाले पोस्टर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बढ़ता जा रहा है। इस बीच बरेली के एक मुस्लिम संगठन के नेता का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह एसएचओ को धमकाते हुए सुनाई दे रहे हैं।

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आई लव मुहम्मद का बोर्ड। (Photo Credit: Social Media)

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कानपुर से 'आई लव मोहम्मद' वाले पोस्टर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बढ़ता जा रहा है। इस बीच बरेली के एक मुस्लिम संगठन के नेता का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह एसएचओ को धमकाते हुए सुनाई दे रहे हैं।

 

'आई लव मोहम्मद' वाले पोस्टर को लेकर बवाल बढ़ता जा रहा है। कानपुर से शुरू यह विवाद अब कई और इलाकों में पहुंच गया है। इस बीच बरेली के इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के नेता नफीस का एक विवादित वीडियो सामने आया है, जिसमें वह कथित तौर पर पोस्टर हटाने वाले पुलिसकर्मी को धमकाते हुए सुनाई दे रहे हैं। 


नफीस का जो वीडियो सामने आया है, उसमें वह किला थाने के एसएचओ सुभाष कुमार को कथित तौर पर धमकी दे रहे हैं। सुभाष कुमार पोस्टर हटाने के लिए पहुंचे थे। 


सुभाष कुमार रविवार को पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में लगे 'आई लव मोहम्मद' लिखे पोस्टर हटवाने पहुंचे थे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया और पुलिस से कहासुनी शुरू हो गई। इसी बीच आईएमसी नेता डॉ. नफीस भी मौके पर पहुंच गए।

 

यह भी पढ़ें-- 'आई लव मुहम्मद' का बोर्ड और 24 लोगों पर FIR; मामला क्या है?

'हाथ काट दूंगा, वर्दी उतरवा दूंगा'

इस घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें नफीस एसएचओ सुभाष कुमार को धमकाते हुए सुनाई दे रहे हैं। वीडियो में नफीस को यह कहते हुए सुना जा सकता है, 'मैंने निरीक्षक से कहा कि मैं उसका हाथ काट दूंगा। मैं उसकी वर्दी उतरवा दूंगा।'


बरेली के एसपी (सिटी) मानुष पारीक ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने डॉ. नफीस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी।

 

यह भी पढ़ें-- कहीं पथराव, कहीं जुलूस, कहीं नारेबाजी, उन्नाव में हुआ क्या है?

क्या है यह पूरा विवाद?

यह सारा विवाद 9 सितंबर को तब शुरू हुआ, जब पुलिस ने 24 मुस्लिम युवकों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। कानपुर पुलिस ने 4 सितंबर को बारावफात जुलूस के दौरान 'आई लव मोहम्मद' वाले बोर्ड लगे थे। 


इस कारण इलाके में सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया था। मामले में पुलिस ने 9 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी।


'आई लव मोहम्मद' वाले पर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई थी और इसे एक 'नया ट्रेंड' बताया था। हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया था कि यह जानबूझकर भड़काने वाला कदम है। वहीं, मुस्लिम संगठनों ने 22 युवकों पर दर्ज मामले को वापस लेने की मांग की है।


इसके बाद हैदराबाद से सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दून ओवैसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और लिखा कि 'आई लव मोहम्मद कहना कोई अपराध नहीं है।' ओवैसी की इस पोस्ट के विवाद और भी बढ़ गया।

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