दिल्ली नगर निगम (MCD) में एक बड़ा बदलाव हुआ है। एक समय पर दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में कुत्ता घुमाने को लेकर विवादों में रहे IAS संजीव खिरवार को दिल्ली नगर निगम का कमिश्नर बनाया गया है। इससे पहले अश्विनी कुमार लंबे समय से MCD के कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे थे। दिल्ली नगर निगम में सत्ता परिवर्तन के बाद निगम के सबसे बड़े अधिकारी को भी अब बदल दिया गया है। मौजूदा वक्त में भारतीय जनता पार्टी (BJP) एमसीडी की सत्ता पर काबिज है और राजा इकबाल सिंह मेयर हैं।
साल 2022 में दिल्ली से हटाकर लद्दाख भेजे गए संजीव खिरवार को दिल्ली वापस आने में 3 साल से ज्यादा लग गए हैं। इससे पहले भी वह लंबे समय तक दिल्ली में काम कर चुके हैं। दिल्ली के अलावा, गोवा, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान-निकोबार और केंद्र सरकार के कई अहम मंत्रालयों में भी संजीव खिरवार काम कर चुके हैं।
क्यों फंसे थे संजीव खिरवार?
जून 2022 में त्यागराज स्टेडियम में प्रैक्टिस करने आने वाले कई खिलाड़ियों ने आरोप लगाए थे कि उन्हें अपनी प्रैक्टिस जल्दी खत्म करने को कहा जाता था। समय 8:30 बजे तक था लेकिन संजीव खिरवार के चलते गार्ड आकर कह देते थे कि 7 बजे ही स्टेडियम खाली कर दो। इसकी वजह थी कि IAS संजीव खिरवार और उनकी IAS पत्नी रिंकू डुग्गा अपना कुत्ता लेकर स्टेडियम में उसे टहलाने आते थे। तब संजीव खिरवार दिल्ली सरकार में प्रमुख सचिव (राजस्व) हुआ करते थे।
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देखते ही देखते यह मामला चर्चा में आ गया था। तब त्यागराज स्टेडियम का काम देखने वाले अजीत चौधरी और खुद संजीव खिरवार ने इन आरोपों से इनकार किया था। हालांकि, खिलाड़ियों का कहना था कि पहले वे 8:30 तक प्रैक्टिस करते थे लेकिन संजीव खिरवार के चलते उन्हें 7 बजे ही प्रैक्टिस खत्म करनी पड़ती थी। आरोप-प्रत्यारोप के बीच संजीव खिरवार का ट्रांसफर लद्दाख कर दिया गया था।
कौन हैं संजीव खिरवार?
संजीव खिरवार साल 1994 के बैच के IAS अधिकारी हैं। कम्यूटर साइंस में बीटेक करने वाले संजीव खिरवार ने इकनॉमिक्स में एमए किया है। अपने करियर की शुरुआत में वह चंडीगढ़ में एसडीएम हुआ करते थे। कुछ समय तक गोवा में कमिश्नर (एक्साइज) और फिर डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर रहे। साल 2003 में पहली बार दिल्ली आए तो पश्चिमी दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर बने। 2004 में वह अडिशनल सेक्रेटरी (प्लानिंग) बने थे। 2009 में अरुणाचल प्रदेश भेजे गए। इसी साल अंडमान-निकोबार भेजा गया और केंद्र सरकार में प्राइवेट सेक्रेटरी बनाए गए।
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2009 से लेकर 2022 तक वह केंद्र सरकार के अलग-अलग विभागों में प्रिंसिपल सेक्रेटरी के पद पर काम कर रहे थे। जून 2022 में जब उनका ट्रांसफर हुआ तो उन्हें लद्दाख में इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी का प्रमुख सचिवा बनाया गया। साथ ही, मानव संसाधन विकास और शिक्षा की भी जिम्मेदारी दी गई थी। अब वह दिल्ली लौट आए हैं और दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर बन गए हैं।