बिहार में एक बार फिर अंधविश्वास ने एक महिला की जान ले ली। डायन के आरोप में महिला की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना टाउन थाना क्षेत्र के अमरथ गांव की है। मृतक महिला की पहचान दुतीय देवी के रूप में हुई है। गांव के ही बिहारी मांझी के पुत्र संदीप मांझी की मौत हुई थी, जिसका आरोप इस महिला पर था। ग्रामीणों को शक था कि महिला के द्वारा ही भूत-पिशाच करके मारा है। इसी शक में गुस्साए ग्रामीणों ने महिला की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई है। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और डायन प्रथा की कुप्रथा को उजागर कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, अमरथ गांव निवासी बिहारी मांझी के पुत्र संदीप मांझी की कुछ दिन पहले मौत हो गई थी। संदीप की उम्र करीब 25 साल थी। वह अचानक बीमार पड़ा और कुछ ही दिनों में उसकी मौत हो गई। परिवार वालों ने उसका इलाज भी कराया, लेकिन वह बच नहीं पाया। संदीप की मौत के बाद से ही गांव में चर्चा शुरू हो गई कि उसकी मौत सामान्य नहीं है। किसी ने जादू-टोना कर उसे मार दिया है। गांव के कुछ लोगों ने ओझा-गुनी से भी संपर्क किया। ओझा ने बताया कि गांव की ही एक महिला ने भूत-पिशाच करके संदीप को मारा है। इसके बाद गांव वालों का शक दुतीय देवी पर चला गया। दुतीय देवी गांव में अकेली रहती थी। उसके पति की पहले ही मौत हो चुकी थी। गांव के लोग पहले से ही उसे डायन समझते थे।
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ओझा ने बताया महिला ने किया भूत-पिशाच
बताया जाता है कि बीते दिन शाम को गांव के कुछ लोग दुतीय देवी के घर पहुंचे। उन्होंने महिला पर संदीप को मारने का आरोप लगाया। महिला ने इससे इनकार किया। कहा कि उसने कुछ नहीं किया है। वह बेकसूर है। लेकिन गुस्साए लोगों ने उसकी एक नहीं सुनी। उन्होंने महिला को घर से बाहर खींच लिया। फिर लाठी-डंडे से उसकी पिटाई शुरू कर दी। महिला चिल्लाती रही, रहम की भीख मांगती रही लेकिन लोगों को दया नहीं आई। लोगों ने तब तक मारा, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग वहां जमा हो गए। लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही टाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने गांव के लोगों से पूछताछ की। मृतक महिला के पिता रूपा मांझी ने थाने में आवेदन दिया है। उन्होंने कहा है कि उनकी बेटी को गांव के ही लोगों ने डायन बताकर मार डाला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
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पुलिस जांच में जुटी
इस घटना ने एक बार फिर डायन प्रथा और अंधविश्वास की भयावहता को सामने ला दिया है। बिहार में डायन प्रथा के नाम पर महिलाओं पर अत्याचार कोई नई बात नहीं है। कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सरकार ने डायन प्रथा के खिलाफ कानून भी बनाया है, लेकिन फिर भी लोग अंधविश्वास से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। ओझा-गुनी के चक्कर में आकर लोग निर्दोष महिलाओं की हत्या कर देते हैं। अमरथ गांव की इस घटना में भी यही हुआ है। ओझा के कहने पर गांव वालों ने महिला को डायन मान लिया और उसकी हत्या कर दी।