बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से जाली नोटों के कारोबार का मामला सामने आया है। पुलिस ने जाली नोटों के कारोबार और रुपये की हेराफेरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मानिकपुर चौक पर पुलिस ने एक व्यक्ति को करीब 20 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए शख्स का नाम रोहित कुमार शाही है। 35 वर्षीय रोहित गोरखपुर जिले के बरहलगंज थाना क्षेत्र का निवासी है। पुलिस ने रोहित के मोबाइल फोन की जांच की है। इस जांच में पुलिस को जाली नोटों के कारोबार से संबंधित कई अहम सुराग मिले हैं।
पूर्वी चंपारण पुलिस बीते दिनों मानिकपुर चौक पर जांच अभियान चला रही थी। इस दौरान पुलिस ने एक कार को रोककर पूछताछ की। संदिग्ध लगने की वजह से पुलिस ने कार की तलाशी ली। इस दौरान पुलिस ने कार से 19 लाख 98 हजार 500 रुपये बरामद किए। इसके बाद पुलिस ने रोहित कुमार शाही नाम के इस शख्स को गिरफ्तार कर लिया। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। अरेराज एसडीपीओ पंकज कुमार ने इस पूरे प्रकरण का खुलासा किया है।
मोबाइल में मिले संदिग्ध चैट
पुलिस ने बताया है कि रोहित के फोन से इस अवैध कारोबार में शामिल तीन लोगों के बारे में पता चला। तीनों गोरखपुर के रहने वाले हैं और धंधे में शामिल हैं। एसडीपीओ पंकज कुमार ने कहा, 'आरोपी के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में जाली नोटों के कारोबार से जुड़े कई संदिग्ध चैट, फोटो और वीडियो मिले हैं। चैट में गोरखपुर के तीन लोगों के नाम सामने आए हैं, जो नकली करेंसी खपाने के धंधे में शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह गिरोह असली नोटों के बीच जाली नोट मिलाकर बाजार में खपाता था। गिरोह यूपी से जाली नोट लाकर बिहार और नेपाल सीमा पर खपाने की योजना में था।'
यह भी पढ़ें: BHU से LU तक, UP के किन विश्वविद्यालयों में सालों से नहीं हुए छात्रसंघ के चुनाव?
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस मोबाइल फोन में मिले चैट और वीडियो को आधार बना रही है। पुलिस ने इस मामले में पूर्वी चंपारण से लगभग 50 किलोमीटर दूर बेतिया में भी छापेमारी की है।
'हरसिद्धि थाना पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली है। आरोपी रोहित शाही से पूछताछ जारी है। उसकी निशानदेही पर आगे भी छापेमारी की जाएगी। जाली नोटों का कारोबार देश की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है। पुलिस इस नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करने के लिए काम कर रही है। गोरखपुर से लेकर बेतिया तक इस गिरोह के तार जुड़े हुए हैं। जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।' - अरेराज एसडीपीओ पंकज कुमार
यह भी पढ़ें: 'मेरिट पर नौकरी सबसे बड़ी गलती’, मनोहर लाल खट्टर-CM नायब सैनी पर बोले BJP विधायक
बेतिया में छापेमारी, मिले 10 कारतूस
इस मामले में पुलिस ने बेतिया में भी छापेमारी की। छापेमारी के दौरान एक ठिकाने से 10 कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह हथियारों की तस्करी में भी शामिल हो सकता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद 19.98 लाख रुपये में कितने असली हैं और कितने नकली। इसके लिए नोटों को जांच के लिए भेजा गया है।