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UP में टावर या टंकी पर चढ़ने पर ही मिल रहा न्याय? मई में हुईं आधा दर्जन घटनाएं

UP में बीते कुछ महीनों में टावर या पानी की टंकी पर चढ़ने की लगभग आधार दर्जन घटनाएं हुई हैं। ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या न्याय पाने की अब यही तरीका बचा है?

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प्रतीकात्मक फोटो, Photo credit: Social Media

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उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की एक महिला सोमवार को तीन साल के बेटे को साड़ी से बांधकर 80 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ गई। वह दुष्कर्म के आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रही थी। डीएम सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और छह घंटे की मशक्कत के बाद कहीं महिला को नीचे उतारा जा सका। वहीं वकील संजय और उसके भाई कचहरी खुलने से पहले पानी की टंकी पर चढ़ गए। वह पिता के हत्यारोपियों को पकड़ने की मांग कर रहे थे। पुलिस अधिवक्ता संघ के लोगों की मदद से देर शाम वकील और उनके भाई को नीचे उतारने में कामयाब हुई।


गोंडा में तीन साल के बेटे को साड़ी से बांधकर करीब 80 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला की मांग थी कि दुष्कर्म के आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। सूचना मिलते ही डीएम समेत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। करीब छह घंटे की कड़ी मशक्कत और समझाइश के बाद महिला को सुरक्षित नीचे उतारा जा सका।


महिला का आरोप है कि गांव के रहने वाले रामइकबाल ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और अब शादी से इनकार कर रहा है। महिला का कहना है कि वह अपने पति को छोड़कर रामइकबाल के साथ रहना चाहती है। इस मामले में मार्च महीने में मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन अब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

 

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टंकी पर चढ़ा वकील

वहीं, गोंडा में ही अधिवक्ता संजय अपने भाई के साथ कचहरी खुलने से पहले पानी की टंकी पर चढ़ गए। दोनों अपने पिता की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
संजय के पिता की 25 अप्रैल को हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। परिजन का आरोप है कि कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार न्याय की मांग को लेकर दोनों भाई पानी की टंकी पर चढ़ गए। देर शाम पुलिस और अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों की समझाइश तथा आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने के बाद दोनों नीचे उतरे।

 

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हाल में टावर पर चढ़कर न्याय मांगने की घटनाएं

17 मईः देवरिया जिले के सदर रेलवे स्टेशन पर एक युवती प्रेमी को जेल से  रिहा करने की मांग कर टावर पर चढ़ गई। पुलिस उसको घंटो बाद मना सकी।
20 मईः देवरिया के सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र मेंएक युवक पत्नी से हुए विवाद के बाद  गुस्से में मोबाइल  टावर पर चढ़ गया। उसको उतारने में पुलिस को मशक्कत का सामना करना पड़ा।
22 मईः जौनपुर जिले में खेत के रास्ते के विवाद में युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। गांव के लोग समझा रहे थे, उसी दौरान पैर फिसलने से गिरे युवक  की मौत हो गई।
24मईः  गाजीपुर जिले का जमीन के विवाद में सुनवाई नहीं होने पर टावर पर चढ़ गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अश्वासन देने पर नीचे उतरा।
28 मईः बरेली जिले में परिजनों  द्वारा जबरन शादी कराए जाने के विरोध में युवती टावर पर चढ़ गई। पुलिस ने परिजन को बुलाकर भरोसा दिलवाया, तब कहीं जाकर युवती नीचे उतरी।
30 मईः देवरिया जिले के तरकुलवा कोतवाली क्षेत्र में प्रेमी से शादी करने की जिद्द में युवती हाईटेंशन बिजली के टावर पर चढ़ गई। घंटो चले ड्रामा के बाद युवती को नीचे उतारा जा सका।

 

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। लोगों का कहना है कि जब उनकी शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तब वे अपनी आवाज उठाने के लिए जान जोखिम में डालने जैसे कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या उत्तर प्रदेश में न्याय और सुनवाई के लिए टावर या पानी की टंकी पर चढ़ना ही आखिरी विकल्प बनता जा रहा है?

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