logo

मूड

ट्रेंडिंग:

'जहां की DGP खुद एक महिला हैं, वहां थाने में रेप की घटना भयानक', बोले JLKM नेता

झारखंड के एक थाने में पति से विवाद की शिकायत लेकर पहुंची महिला के साथ कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर विपक्षी दल और क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियां राज सरकार पर सवाल उठा रही हैं।

झारखंड, Jharkhand Police Station Rape Case

सांकेतिक तस्वीर, Photo Credit-ChatGPT

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाने में पति से विवाद की शिकायत लेकर पहुंची महिला के साथ कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है। थाने में महिला के दुष्कर्म मामले में अब राज्य में सियासी घमासान तेज हो गया है। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और क्षेत्रीय राजनीतिक दल झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) लगातार इस मामले को उठा रही है। 

 

JLKM के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रेम मार्डी ने कहा कि यह एक बहुत ही भयानक और गंभीर घटना है। उन्होंने कहा पुलिस स्टेशन के अंदर एक महिला के साथ ऐसा अत्याचार कैसे हो सकता है? प्रेम मार्डी ने झारखंड सरकार पर सवाल उठाया है।  

 

यह भी पढ़ें: 'सुन लो कान फाड़ के...', गलत खबर चलाने के लिए मीडिया पर भड़के अमिताभ बच्चन

क्या है पूरा मामला?

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि गुरुवार 29 अक्टूबर को शाम को उसका अपने पति से झगड़ा हो गया था, उसे डर था कि पति उसे पीटेगा, इसलिए वह घर से निकल गई और पड़ोसी के घर गई। वहां से महिला ने मोबाइल फोन से पुलिस को संपर्क किया। इसके बाद एक पीसीआर वैन वहां पहुंची और उस रात महिला को थाने ले आई। थाने में ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों ने उसे आराम करने के लिए एक कमरा दे दिया, जो थाने में ही था।  

पीड़िता ने बताया कि वह उस कमरे में थी तब थाने में वायरलेस ऑपरेटर उस कमरे में आया और उसके साथ दुष्कर्म किया और पीड़िता ने मदद की भी गुहार लगाई लेकिन किसी से उसे मदद नहीं मिली।  इस घटना की जांच के लिए सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक (SP) मनोज स्वर्गियारी ने घटना के अगले दिन एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया और शनिवार को SIT ने अपनी रिपोर्ट सौंपी, मामले में निलंबित सब-इंस्पेक्टर मनोज साहू और कांस्टेबल संतोष राय को गिरफ्तार किया गया।

विरोध प्रदर्शन हुआ, क्या बोले JLKM नेता

JLKM के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रेम मार्डी ने कहा, 'यह एक बहुत ही भयानक और गंभीर घटना है। हमने कल इसे लेकर विरोध प्रदर्शन किया था, और आज हम पीड़िता से जुड़े सबूत जुटाने में मदद करने के लिए फिर से पुलिस स्टेशन परिसर में आए हैं। हम पूरी मजबूती से पीड़िता के साथ खड़े हैं और उसे न्याय दिलाने के लिए हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मेरा सवाल सीधे झारखंड सरकार से है।'

उन्होंने आगे कहा कि यहां कि DGP खुद एक महिला हैं, फिर भी, जब पुलिस बल की कमान एक महिला के हाथ में है, तो पुलिस स्टेशन के अंदर एक महिला के साथ ऐसा अत्याचार कैसे हो सकता है? इसके अलावा, ऐसा लगता है कि CCTV कवरेज या तो नाकाफी है या फिर है ही नहीं। महिला पुलिसकर्मियों की गैर-मौजूदगी झारखंड में पुलिस प्रशासन के पूरी तरह से विफल होने को दर्शाती है; यहां महिलाएं बिल्कुल भी सुरक्षित महसूस नहीं करतीं।    

Related Topic:#Jharkhand news

और पढ़ें