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2 से ज्यादा बच्चों की बात छुपाई, आयोग ने भभुआ नगर परिषद को अध्यक्ष पद से हटाया

भभुआ नगर परिषद के अध्यक्ष विकास कुमार तिवारी ने नामांकन के समय यह बात छिपाई थी कि उनके 2 से ज्यादा बच्चे हैं। अब यह सच सामने आने के बाद उन्हें अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है।

Bhabhua nagar parishad chairman disqualified

भभुआ नगर परिषद के अध्यक्ष विकास कुमार तिवारी, Photo Credit: airnews_patna/X

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संजय सिंह, पटना: बिहार के कैमूर जिले के भभुआ से एक राजनैतिक फैसला सामने आया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए भभुआ नगर परिषद के अध्यक्ष विकास कुमार तिवारी उर्फ बबलू तिवारी को उनके पद से हटा दिया है। आयोग ने यह कार्रवाई 'दो बच्चा नीति' के उल्लंघन और जानकारी छुपाने के आरोप में की है।

 

दरअसल, बिहार नगर पालिका कानून के अनुसार, 4 अप्रैल 2008 के बाद अगर किसी व्यक्ति की दो से अधिक संतानें (बच्चे) हैं, तो वह चुनाव लड़ने या पद पर रहने के लायक नहीं माना जाता। जांच में पाया गया कि बबलू तिवारी के दो से ज्यादा बच्चे हैं लेकिन उन्होंने नामांकन के समय इस सच को छुपाया था।

 

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पूर्व अध्यक्ष की शिकायत पर हुई जांच

इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष जैनेंद्र कुमार आर्य ने राज्य निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने सबूतों के साथ आरोप लगाया कि बबलू तिवारी ने अपने बच्चों की सही संख्या छुपाकर गलत तरीके से चुनाव जीता है। शिकायत मिलने के बाद आयोग ने जिला प्रशासन से पूरी रिपोर्ट मांगी और दोनों पक्षों की बात सुनी।

 

आयोग ने जिला अधिकारी की रिपोर्ट और कागजातों की गहराई से जांच की। जब यह साबित हो गया कि आरोप सही हैं तो आयोग ने तुरंत फैसला सुनाते हुए बबलू तिवारी को अध्यक्ष पद से हटा दिया। आदेश में साफ कहा गया है कि वह अब इस पद पर रहने के योग्य नहीं हैं। जिला प्रशासन को 4 हफ्ते के भीतर इस आदेश को पूरी तरह लागू करने और आगे की कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

 

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आदेश के बाद बढ़ी हलचल

इस फैसले के बाद भभुआ की स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई है। कुछ लोग इसे राजनैतिक लड़ाई का नतीजा बता रहे हैं तो कुछ इसे कानून की जीत मान रहे हैं। यह फैसला उन सभी लोगों के लिए एक सख्त चेतावनी है जो चुनाव के समय गलत जानकारी देते हैं। अब चर्चा इस बात पर है कि नगर परिषद का अगला अध्यक्ष कौन होगा और क्या बबलू तिवारी इस फैसले को कोर्ट में चुनौती देंगे।


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