कर्नाटक में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में हुए कथित गड़बड़ियों को लेकर राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के बयान ने राजनीतिक बहस छेड़ दी है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रियांक खड़गे के एक बयान को शेयर करते हुए उन पर निशाना साधा है। इस वीडियो में वह कह रहे हैं कि प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट पहले 25 दिन तक भूख हड़ताल करें, लाठचार्ज का सामना करें, उसके बाद वह इस्तीफा देंगे। बता दें कि कर्नाटक के विजयपुरा जिले के टिकोटा में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा को लेकर विरोध-प्रदर्शन हुआ है।
यहां शारदाम्बा पीयू कॉलेज के परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवारों ने आरोप लगाया था कि ओएमआर सीरियल नंबर और प्रश्न पत्र के सीरियल नंबर में गड़बड़ी है। स्टूडेंट्स एग्जाम हॉल से बाहर चले गए थे। साथ ही उन्होंने एग्जाम पेपर 30 मिनट की देरी से मिलने का भी आरोप लगाया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ उम्मीदवारों को हिरासत में लिया गया। अब विपक्षी दल कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे से इस्तीफे की मांग कर रही है।
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इस्तीफे की मांग पर क्या बोले प्रियांक खड़गे?
पहले कुछ उम्मीदवारों ने परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया, उनका कहना था कि परीक्षा में अनियमितताएं हुई हैं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ उम्मीदवारों को हिरासत में लिया। इसके बाद विपक्षी दल बीजेपी और जेडी(एस) ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे से इस्तीफे की मांगना शुरू कर दिया। प्रियांक खड़गे ने कहना है कि लाखों उम्मीदवारों ने शांतिपूर्वक परीक्षा दी थी, जबकि सिर्फ करीब 120 लोगों ने हंगामा किया। उन्होंने कहा कि अगर कुछ लोग परीक्षा केंद्र में तोड़फोड़ करेंगे और व्यवस्था बिगाड़ेंगे, तो पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करनी ही पड़ेगी। इसलिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया।
उन्होंने कहा, 'मैं इस्तीफा भी दे दूंगा लेकिन पहले प्रदर्शनकारियों को 25 दिन तक भूख हड़ताल करने दो। इसके बाद भी अगर वह काबू में नहीं आते हैं, तो पहले उन पर लाठीचार्ज किया जाएगा। इसके बाद मैं उसी तरह इस्तीफा दे दूंगा, जैसे दिल्ली में किया था।'
विवाद बढ़ने पर प्रियांक खड़गे ने दी सफाई
हालांकि उन्होंने अब इसपर सफाई भी दी है, उनका कहना है कि उनकी बात छात्रों के लिए नहीं, बल्कि बीजेपी के राजनीतिक विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया के कुछ हिस्सों ने उनके बयान का छोटा हिस्सा दिखाकर गलत तस्वीर पेश की। साथ ही उन्होंने गृह विभाग को कथित तौर पर बयान के तोड़-मरोड़कर वायरल किए गए वीडियो की जांच के आदेश दिए और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
बीजेपी का आरोप- कांग्रेस सरकार निष्पक्ष भर्ती कराने में विफल
बीजेपी और जेडी(एस) ने खड़गे के बयान की कड़ी आलोचना की। विपक्ष के नेता आर. अशोक ने उनके तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार निष्पक्ष भर्ती कराने में विफल रही है। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि मंत्री का बयान छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से न लेने वाला है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टी
NEET
जैसे मुद्दों पर छात्रों के समर्थन की बात करती है, वही अब भर्ती परीक्षा में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिए गए मंत्री के बयान का बचाव कर रही है। उन्होंने खड़गे के बयान को असंवेदनशील बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की।