नेताओं और अफसरों के चक्कर में वीडियो बनाने को मजबूर हुईं श्रद्धा दुबे?
UP लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा केस में फरार आरोपी माॅडल श्रद्धा दुबे के गैंगस्टरों, नेताओं, क्रिकेटर के साथ के फोटो व अफसरों के नाम लेकर बातचीत के वीडियो वायरल हुए है।

Shraddha Dubey । Photo Credit: SD/Insta
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे के गैंगस्टरों, नेताओं और प्रभावशाली लोगों के साथ कथित संपर्कों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। श्रद्धा की हिस्ट्रीशीटर अभिषेक सिंह उर्फ बाबू सिंह, 25 हजार रुपये के इनामी ऋषभ राय और जुल्फिकार के साथ फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं। सपा नेता शिवपाल यादव और पूर्व क्रिकेटर एस. श्रीसंत के साथ भी उसकी फोटो सामने आई हैं। इसी बीच, घटना के बाद से फरार श्रद्धा ने 14 अक्टूबर की रात सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया।
श्रद्धा दुबे ने दावा किया कि नेताओं और अधिकारियों के साथ उसके संबंधों को लेकर गलत बातें कही जा रही हैं और शिवा ने आत्महत्या की थी। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि फरारी के दौरान श्रद्धा को वीडियो जारी करने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या वह अपने ऊपर उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहती थी या इसके पीछे कोई और वजह थी? फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उसने किसके कहने या दबाव में वीडियो जारी किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और श्रद्धा के दावों की भी जांच के तथ्यों के आधार पर पड़ताल होनी है।
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शिवा शर्मा की मौत के मामले में नाम सामने आने के बाद श्रद्धा दुबे की तलाश की जा रही है। इसी बीच 14 अक्टूबर की रात उसका सोशल मीडिया वीडियो सामने आया। वीडियो में उसने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि जिन नेताओं और अधिकारियों के साथ उसके नाम को जोड़ा जा रहा है, उनसे उसके वैसे संबंध नहीं हैं, जैसा दावा किया जा रहा है। श्रद्धा ने शिवा की मौत को आत्महत्या बताया और कहा कि उसका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। उसने पुलिस के सामने अपना पक्ष रखने की बात भी कही।श्रद्धा के इस बयान के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। एक ओर शिवा की मां ने हत्या के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर श्रद्धा खुद को निर्दोष बता रही है। अब पुलिस को उसके दावों, उपलब्ध साक्ष्यों और घटनाक्रम के बीच संबंधों की जांच करनी है।
गैंगस्टरों से लेकर नेताओं तक के साथ फोटो वायरल
श्रद्धा दुबे की कई लोगों के साथ फोटो वायरल होने के बाद उसके कथित संपर्कों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इनमें लखनऊ के हिस्ट्रीशीटर अभिषेक सिंह उर्फ बाबू सिंह, इनामी ऋषभ राय और जुल्फिकार के साथ फोटो शामिल हैं। इसके अलावा सपा नेता शिवपाल यादव और पूर्व क्रिकेटर एस. श्रीसंत के साथ भी उसकी फोटो सामने आई हैं।बाबू सिंह का नाम दिसंबर 2020 में टेंट कारोबारी विवेक कुमार रावत के अपहरण और मारपीट के मामले में सामने आया था। ऋषभ राय का नाम शिवा शर्मा से जुड़े रंगदारी के एक पुराने मामले में आया था।
शिवा की मां की शिकायत के मुताबिक, अगस्त 2025 में लखनऊ के किसान बाजार स्थित एक कैफे में शिवा से एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इस मामले में ऋषभ और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। जुल्फिकार पर भी पांच करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप सामने आया है।इन लोगों के साथ श्रद्धा के संबंध क्या थे, वह इनके संपर्क में कैसे आई और क्या इन संपर्कों का शिवा शर्मा केस से कोई संबंध है इन सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही मिल सकेगा। किसी के साथ फोटो वायरल होने मात्र से उसकी इस मामले में भूमिका साबित नहीं होती।
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संबंधों पर श्रद्धा ने क्यों दी सफाई?
श्रद्धा के शिवपाल यादव के साथ फोटो वायरल होने के बाद उसके राजनीतिक संपर्कों को लेकर चर्चा शुरू हुई। पूर्व क्रिकेटर एस. श्रीसंत के साथ उसकी फोटो भी सामने आई है। इसके अलावा कुछ प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों से संपर्क होने की बातें भी चर्चा में हैं। श्रद्धा ने अपने वीडियो में नेताओं और अधिकारियों के साथ संबंधों को लेकर उठ रहे सवालों पर सफाई दी है लेकिन यहां सबसे अहम सवाल यह है कि श्रद्धा को अपनी सफाई देने की जरूरत क्यों महसूस हुई और वीडियो जारी करने का समय क्या संकेत देता है।
क्या वह सोशल मीडिया पर बन रही धारणा को बदलना चाहती थी, अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देना चाहती थी या कोई दूसरी वजह थी? फिलहाल इन सवालों का कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है। यह दावा करने का भी आधार नहीं है कि वीडियो किसी नेता, अधिकारी या दूसरे व्यक्ति के दबाव में जारी किया गया। इसकी वास्तविक वजह श्रद्धा ही बता सकती है और पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों से मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
ऑडियो में ‘संजय सर’ का नाम, उठ रहे सवाल
शिवा शर्मा और श्रद्धा दुबे के बीच बातचीत का एक कथित ऑडियो भी चर्चा में है। इसमें ‘संजय सर’ से शिकायत करने और शिवा को जेल भिजवाने की धमकी देने की बात कही जा रही है। बातचीत में ‘जेल में पार्टी करना’ जैसे शब्दों का भी जिक्र बताया गया है।ऑडियो में जिस ‘संजय सर’ का नाम लिया गया है, वह कौन हैं और श्रद्धा से उनका क्या संबंध था, यह भी सवालों के घेरे में है। क्या वह कोई अधिकारी थे या कोई अन्य परिचित? फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस बारे में कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। ऑडियो की सत्यता, बातचीत का संदर्भ और उसमें लिए गए नाम की पहचान जांच के अहम पहलू हो सकते हैं।
श्रद्धा ने शिवा शर्मा की मौत को बताया आत्महत्या
शिवा शर्मा की 9 अक्टूबर को लखनऊ के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। शिवा की मां ने श्रद्धा दुबे और अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। दूसरी ओर, श्रद्धा ने अपने वीडियो में दावा किया कि शिवा ने आत्महत्या की थी और वह खुद निर्दोष है।दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। ऐसे में मौत की परिस्थितियों, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्यों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण है। पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी भी दावे को अंतिम सच नहीं माना जा सकता।
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इस मामले में श्रद्धा दुबे की एसयूवी भारत-नेपाल सीमा से सटे बहराइच जिले के रुपईडीहा क्षेत्र में मिलने की खबर भी सामने आई थी। इसके बाद उसके नेपाल जाने की आशंका जताई गई। मामले में फरार आरोपियों की तलाश और घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों की जांच जारी है।अब पूरे मामले में तीन बड़े सवाल हैं—श्रद्धा के गैंगस्टरों, नेताओं और प्रभावशाली लोगों के साथ क्या संबंध थे? फरारी के दौरान 14 अक्टूबर की रात वीडियो जारी कर उसने सफाई क्यों दी? और क्या उसके वीडियो में किए गए दावों की पुष्टि जांच में होती है? फिलहाल यह कहना संभव नहीं है कि वीडियो किसी के दबाव में जारी किया गया। इन सवालों का जवाब पुलिस जांच और सामने आने वाले तथ्यों से ही मिल सकेगा।
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