महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। बीजेपी नेता और राज्य मंत्री गणेश नाइक ने बिना नाम लिए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी के नेता उन्हें खुली छूट दें, तो शिंदे की राजनीतिक साख पूरी तरह खत्म हो सकती है। यह बयान मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में दोनों नेताओं के बीच पुरानी दुश्मनी को फिर से उजागर करता है।
नाइक और शिंदे के बीच मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन, खासकर नवी मुंबई, ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में राजनीतिक प्रभाव को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। दोनों पार्टियां- बीजेपी और शिंदे वाली शिवसेना- महाराष्ट्र और केंद्र में गठबंधन में हैं, लेकिन यह दुश्मनी खत्म नहीं हुई। नाइक का यह बयान हाल ही में हुए नगर निगम चुनावों के बाद आया है, जहां उन्होंने महायुति गठबंधन की चुनाव रणनीति पर नाराजगी जताई थी।
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नाइक बोले- अस्तित्व मिट जाएगा
नाइक ने यह बातें ठाणे में कही, जो शिंदे का राजनीतिक गढ़ माना जाता है। उन्होंने कहा, 'अगर बीजेपी इजाजत दे, तो उनका नाम और अस्तित्व मिट जाएगा। मैं आज फिर यह दोहरा रहा हूं।' साथ ही, नाइक ने बीजेपी को अनुशासित पार्टी बताया। उन्होंने कहा, 'एक बार आदेश मिल जाए, तो हम उसका पालन करते हैं। भले मन न माने, लेकिन पार्टी अनुशासन के कारण हमारे कार्यकर्ता चुप रहे और सहन करते रहे।'
शिवसेना के ठाणे पर दावे का जिक्र करते हुए नाइक ने कहा, 'किसी का कोई गढ़ नहीं होता।' उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी के समय का उदाहरण दिया। 'जब मैं दूसरी पार्टी में था, तब नवी मुंबई और मीरा-भायंदर में हमारा मेयर था। ठाणे थोड़े अंतर से चूक गया। लेकिन हमने जिला बैंक और जिला परिषद जीते।'
जताया असंतोष
नाइक ने महायुति गठबंधन की हालिया सिविक चुनावों की हैंडलिंग पर भी असंतोष जताया। उन्होंने कहा, 'नेता एमपी और एमएलए जैसे पद पाते हैं। नगर निगम और परिषद कार्यकर्ताओं के लिए हैं। सब अलग-अलग चुनाव लड़ें। नतीजे आने के बाद जिस पार्टी के ज्यादा पार्षद हों, उसे मेयर का पद मिले और बाकी समर्थन करें।' हालांकि, उन्होंने कहा कि यह उनकी निजी राय है।
सीट शेयरिंग पर खोले राज
नवी मुंबई में सीट-शेयरिंग पर बात करते हुए नाइक ने कहा कि शिवसेना ने 57 सीटें मांगी थीं। 'हम 20-22 देने को तैयार थे। आखिरी दिन तक बात चली। फिर उन्होंने अपने फॉर्म भरे, हमने अपने। जो हुआ, अच्छा हुआ।' यह उनके सहयोगी पर तंज था। नाइक ने कहा कि उन्होंने अपनी राय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बताई, लेकिन कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ। 'उन्होंने न हां कहा, न ना।'
शिंदे खेमे से हुई प्रतिक्रिया
इस बीच, नाइक के बयान पर शिंदे खेमे से तीखी प्रतिक्रिया आई। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा, 'कितना भी कोई बोले, एकनाथ शिंदे मजबूत हैं। ठाणे शिवसेना का गढ़ है। शिंदे और श्रीकांत शिंदे ने इसे मजबूत किया है। बोलना आसान है, लेकिन शिंदे ने विधानसभा और नगर निगम चुनावों में खुद को साबित किया। शिवसेना राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है।'
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महायुति की कमजोरी
यह विवाद महाराष्ट्र की राजनीति में गठबंधन की कमजोर कड़ी को दिखाता है। महायुति गठबंधन में बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) शामिल हैं। हाल के चुनावों में गठबंधन ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन स्थानीय स्तर पर सीट बंटवारे को लेकर तनाव बना हुआ है। नवी मुंबई और ठाणे जैसे इलाकों में दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता एक-दूसरे के खिलाफ खड़े होते हैं।