महाराष्ट्र के नागपुर में टीसीएस कांड के बाद यौन शोषण से जुड़ा एक और गंभीर मामला सामने आया है। समाज में पिछड़े हुए बच्चों के लिए काम करने वाले एक NGO के प्रमुख पर कई महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही धार्मिक दबाव, मानहानि और साइबरस्टॉकिंग के भी आरोप NGO प्रमुख पर लगाए गए हैं। पुलिस ने इस मामले में शिकायत मिलने के बाद FIR दर्ज कर ली है। अधिकारियों ने बताया कि मामला दर्ज होते ही मुख्य आरोपी रियाज फाजिल को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
नासिक में टीसीएस की यूनिट में सामने आए यौन शोषण और धार्मांतरण के मामले के बाद सामने आए इस मामले में जांट एजेंसियां तुरंत एक्टिव हो गई। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, सक्रियता दिखाते हुए एटीएस ने भी इस मामले से जुड़े NGO के बैकग्राउंड, वित्तीय गतिविधियों और गरीब परिवार के बच्चों को पढ़ाने के दावों की पड़ताल करना शुरू कर दिया है।
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कई धाराओं में FIR दर्ज
इस मामले में शनिवार रात करीब 10 बजे FIR दर्ज की गई। पुलिस ने महिला की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि FIR में गरिमा को ठेस पहुंचाना, अश्लील हरकतें, शोषण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के साथ-साथ माहानि और सोशल मीडिया के जरिए परेशान करे के संबंध में धाराएं जोड़ी गई हैं। जिस युवती ने शिकायत की है उनकी उम्र 23 साल है और वह सितंबर 2023 से इस NGO के साथ एचआर हैड के रूप में काम कर रही हैं।
केबिन में बुलाकर किया परेशान
FIR के अनुसार, 18 जुलाई 2024 को महिला के जन्मदिन पर जश्न के बाद ऑफिस में ही दोपहर के समय आरोपी ने कथित तौर पर उन्हें केबिन में बुलाया। महिला ने आरोप लगाया है कि केबिन में बुलाकर आरोपी ने महिला को जबरदस्ती चूमा और कहा, 'मैं आज तुम्हें छोड़ना नहीं चाहता।' महिला ने बताया कि नौकरी खोने के डर से वह उसका विरोध नहीं कर सकीं।
महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी बार-बार उसे गले लगाने की कोशिश करता था। एक बार तो उसने सीसीटीवी का प्लग निकाला और उसके बाद गले लगाने की कोशिश की। पीड़िता ने जब आरोपी की इन हरकतों का विरोध किया तो वह उसके साथ बुरा व्यवहार करने लगा।
इंस्टाग्राम के जरिए रखी नजर
महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी दूसरे लोगों से उसके बारे में जानकारी जुटाता था। उसने NGO की कर्मचारियों पर नजर रखने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर फर्जी अकाउंट बनाए थे। महिला ने आरोप लगाया कि इंस्टाग्राम के जरिए उसे परेशान किया जाता था।
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धार्मिक दबाव भी बनाया
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, FIR में धार्मिक दबाव बनाने की शिकायत को भी जोड़ा गया है। पीड़िता की बहन भी NGO में शामिल हुई थी। वह बतौर प्रोजेक्ट मैनेजर ग्राउंड पर काम करती थीं। महिला का आरोप है कि जब वह ग्राउंड पर जाती थीं तो उसे एक धर्म विशेष से जुड़ी प्रार्थना करने और पूरी शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने के लिे मजबूर किया जाता था। पीड़िता ने बताया कि आरोपी कई कर्मचारियों को दूसरे धर्म के होने के बावजूद धार्मिक रीति-रिवाजों को थोपने की कोशिश करता था।
ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब आरोपी ने एक पूर्व कर्मचारी की मां को फोन किया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। आरोपी ने उन्हें फोन पर कॉल गर्ल तक कहा। इस बातचीत की रिकॉर्डिंग उन्होंने की और बाद में ग्रुप में शेयर किया। 17 अप्रैल को जब पीड़ित NGO के ऑफिस पहुंचे तो ऑफिस बंद था इसके बाद उन्होंने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस अब इस मामले की जांच में जुट गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर 23 अप्रैल तक हिरासत में भेज दिया गया है।