महाराष्ट्र में पेपर लीक की आशंका के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) कैंसिल कर दी गई है। कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। भिवंडी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने बताया कि प्रश्न पत्र से जुड़ी गुप्त जानकारी मिली। इसके बाद भिवंडी पुलिस ने छापेमारी की। जांच में टीईटी परीक्षा 2026 के प्रश्न पत्र के सवालों से मेल खाते प्रश्नपत्र मिले। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने बताया कि आज 27 जून की सुबह गोपनीय जानकारी के आधार पर भिवंडी में कुछ लोगों के पास प्रश्न पत्र से संबंधित जानकारी होने की आशंका पर भिवंडी पुलिस की सहायता से छापेमारी की गई। जांच के दौरान महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों ने पूछताछ की तो कुछ संदिग्ध प्रश्न शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) जून 2026 के प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते मिले। इस संबंध में भिवंडी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
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परिषद ने आगे बताया कि इस परिस्थिति में 28 जून 2026 को आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसी भी स्थिति में परीक्षा की पारदर्शिता और विद्यार्थियों के हितों से समझौता न हो, इसलिए विस्तृत जांच के बाद ही परीक्षा आयोजित की जाएगी। शिक्षक पात्रता (TET) परीक्षा के संबंध में अपडेटेड जानकारी महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी।
कांग्रेस ने महाराष्ट्र सरकार को घेरा
कांग्रेस ने कहा कि पेपर लीक अब अलग-थलग घटनाएं नहीं हैं, बल्कि इस नाकाम सरकार की पहचान बन गई है। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और विरोध प्रदर्शन शुरू करने की बात कही।
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महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा, 'रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कल होने वाली टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) का प्रश्न पत्र ठाणे में लीक हो गया था, जो उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का गढ़ है। उस रैकेट को राजनीतिक संरक्षण कौन दे रहा है, जो लाखों छात्रों की मेहनत, सपनों और भविष्य को बर्बाद कर रहा है?'
कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि भर्ती और पात्रता परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक से पता चलता है कि सरकार ऐसे रैकेट को रोकने में नाकाम रही है। उन्होंने सवाल किया कि क्या कथित पेपर लीक के पीछे के लोगों को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण मिल रहा है। वडेट्टीवार ने कहा कि सरकार पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी ले।