महाराष्ट्र के टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) के पेपर लीक होने के मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। भिवंडी की कोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस ने जज को बताया कि पेपर लीक कराने का कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता है, जिसने पेपर लीक कराने का षड्यंत्र रचा था। बिजेंद्र गुप्ता के अलावा दो और आरोपी भी बिहार के रहने वाले हैं। पुलिस को शक है कि यह गिरोह और भी राज्यों में पेपर लीक में शामिल हो सकते हैं।
बिजेंद्र गुप्ता को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इसके अलावा इस मामले के दूसरे आरोपी धीरज कुमार हैं, जिनके वकील ने जज से कहा कि धीरज की तबीयत ठीक नहीं है, जिस वजह से उनका वजन भी घट गया है इसलिए उनका जल्द से जल्द इलाज कराया जाए। पुलिस अभी इस मामले के मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता की तलाश में जुटी है, जो फिलहाल फरार है।
TET पेपर लीक मामले में कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 8 दिन की कस्टडी में भेज दिया है। इन तीनों के नाम राजीव शाह, धीरज कुमार और आकाश कुमार हैं। पुलिस के मुताबिक, राजीव शाह और आकाश कुमार बिहार के रहने वाले हैं जबकि तीसरे आरोपी धीरज कुमार हरियाणा के रहने वाले हैं। पुलिस की जांच के मुताबिक, ये तीनों आरोपी बिजेंद्र गुप्ता के लिए काम करते थे।
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मास्टरमाइंड है बिजेंद्र गुप्ता?
कोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस ने कोर्ट को बताया कि बिहार का रहने वाला बिजेंद्र गुप्ता पेपर लीक का मास्टरमाइंड था। साथ ही पुलिस ने दावा किया कि बिजेंद्र कई राज्यों में कम से कम 20 पेपर लीक मामलों में आरोपी रह चुका है।
इस मामले के आरोपी आकाश कुमार, राजीव शाह और धीरज कुमार को रविवार यानी 28 जून को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में तीनों आरोपियों के वकीलों ने भी अपने-अपने तर्क रखे। फिलहाल कोर्ट ने तीनों आरोपियों को आठ दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
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आरोपी धीरज के वकील ने मांगी राहत
कोर्ट में आरोपी धीरज के वकील सतेंद्र रेड्डू ने जज को बताया कि धीरज की तबीयत ठीक नहीं है। उनका डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है क्योंकि पिछले कुछ दिनों में उनका वजन काफी घट गया है। इसके बाद ठाणे पुलिस ने जिम्मेदारी ली कि हिरासत के दौरान भी धीरज कुमार का इलाज कराया जाएगा। साथ ही धीरज के वकील ने दावा किया कि उन पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। उनका कहना है कि धीरज दिल्ली से मुंबई ट्रेन से जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।