हिमाचल प्रदेश में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर मंडी की सांसद
कंगना रनौत
एक बार फिर सख्त तेवर में नजर आईं। कुल्लू में जिला स्तरीय दिशा बैठक के दौरान उन्होंने नशे की खुलेआम बिक्री को लेकर पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने साफ कहा कि यदि नशे का कारोबार करने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी तो इसका सबसे बड़ा नुकसान प्रदेश के युवाओं को उठाना पड़ेगा।
कंगना रनौत ने नशे के कारोबार को केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर संकट बताया। उन्होंने नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने तथा उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त करने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि नशे की बिक्री अगर सार्वजनिक रूप से हो रही है तो यह पुलिस और प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे मामलों में केवल छोटे स्तर के आरोपियों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि नशे के पूरे नेटवर्क और इसके पीछे आर्थिक रूप से जुड़े लोगों तक पहुंचना जरूरी है।
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कंगना ने प्रशासन से की कार्रवाई करने की मांग
कंगना का जोर इस बात पर रहा कि नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना था कि नशे से पैसा कमाकर संपत्ति खड़ी करने वाले लोगों पर आर्थिक चोट की जाए, ताकि इस अवैध कारोबार को बढ़ावा देने वालों में कानून का भय पैदा हो। उन्होंने प्रशासन से नशे की रोकथाम के लिए ठोस और दिखाई देने वाली कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही नशे के खिलाफ अभियान को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखने का संदेश दिया।
कुल्लू और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में नशे की समस्या लंबे समय से चिंता का विषय रही है। पर्यटन गतिविधियों के साथ बड़ी संख्या में बाहरी लोगों की आवाजाही के कारण पुलिस के सामने नशे की तस्करी और सप्लाई नेटवर्क पर अंकुश लगाने की चुनौती भी रहती है।
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युवाओं को बचाना सबसे बड़ी चुनौती
कंगना ने संकेत दिया कि नशे के खिलाफ लड़ाई में प्रशासन को और सख्ती दिखानी होगी। उनका रुख साफ था कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे न केवल आरोपी कानून के शिकंजे में आएं, बल्कि उनका आर्थिक नेटवर्क भी टूटे। कंगना के इस रुख के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि कुल्लू प्रशासन और पुलिस नशे के खिलाफ कार्रवाई को किस तरह आगे बढ़ाते हैं और क्या नशा कारोबारियों की संपत्तियों की जांच एवं जब्ती को लेकर कोई ठोस कदम उठाया जाता है।