उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में एक कब्रिस्तान में JCB से हुए नुकसान और उसके बदले दिए गए नाममात्र मुआवजे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मनोहरपुरा स्थित कब्रिस्तान अहले मुस्लिमीन की प्रबंधन समिति ने आरोप लगाया है कि नगर निगम से जुड़े काम के दौरान एक JCB कब्रिस्तान में घुस गई, जिससे नौ कब्रें, कई पेड़ और चारदीवारी का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद प्रशासन ने प्रति नुकसान सिर्फ 100-100 रुपये का मुआवजा तय किया, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
यह घटना 26 अप्रैल की रात की बताई जा रही है, जब JCB सरकारी पानी की टंकी के पास काम कर रही थी। इसी दौरान मशीन कब्रिस्तान के भीतर पहुंच गई और कई कब्रों को नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद समिति ने प्रशासन से कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की लेकिन तय की गई राशि को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
यह भी पढ़ें: वाघेला ने किया अखिलेश-सोनिया का समर्थन, बोले सब एक ही थाली के चट्टे-बट्टे
कब्रिस्तान समिति ने प्रशासन के फैसले पर उठाए सवाल
कब्रिस्तान समिति के सचिव शाकिर हुसैन ने प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर क्षतिग्रस्त कब्र, पेड़ और खंभे के लिए सिर्फ 100 रुपये देना बेहद अपमानजनक है। उन्होंने कहा कि यह मुआवजा नहीं बल्कि भावनाओं और सम्मान का अनादर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके परिजनों की कब्रें टूटने से गहरा मानसिक आघात पहुंचा है।
कब्रिस्तान के देखरेख करने वाले शरीफ खान के अनुसार, नौ में से तीन कब्रें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई थीं, जिन्हें दोबारा बनाने में प्रति कब्र करीब 2,000 से 2,500 रुपये खर्च हुए। जबकि प्रशासन की ओर से कुल 3,500 रुपये (दो अलग-अलग चेक के रूप में) दिए गए, जिसे समिति ने बेहद कम बताया है।
यह भी पढ़ें: पटना में फर्जी पुलिस का आतंक, जांच के नाम पर ज्वेलर्स से 28 किलो चांदी लूटी
जांच और दोबारा कार्रवाई की मांग
कब्रिस्तान समिति के अध्यक्ष जमालुद्दीन ने बताया कि यह 117 साल पुरानी वक्फ संपत्ति है। घटना के बाद उन्होंने IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन उसे पहले बंद कर दिया गया। बाद में असंतोष के चलते शिकायत फिर से खोली गई। अब स्थानीय लोग और समिति मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं, अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह ने कहा कि मुआवजा विभागीय आकलन के आधार पर दिया गया है और आगे ऐसी घटनाएं न हों इसके लिए ठेकेदारों को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वक्फ भूमि पर अतिक्रमण के आरोपों की जांच भी की जाएगी।