69 हजार शिक्षक भर्ती को लेकर राजधानी लखनऊ में आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी उग्र रहा। शिक्षा मंत्री के आवास के बाद शनिवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी बसपा सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के आवास पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने आवास का घेराव करते हुए मायावती से मुलाकात की मांग की। इस दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया।
मायावती आवास के बाहर गरजे अभ्यर्थी
प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे अभ्यर्थियों ने मायावती के आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी लगातार "मायावती बाहर आओ" और "हमें न्याय दो" के नारे लगाते रहे। उनका कहना था कि दलित और पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ हुए कथित अन्याय के मुद्दे पर बसपा प्रमुख को खुलकर सामने आना चाहिए।
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प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग कर अभ्यर्थियों को आगे बढ़ने से रोका। इसके बाद करीब 15 मिनट तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक होती रही। बाद में पुलिस ने महिला अभ्यर्थियों समेत सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों से ईको गार्डन भेज दिया। मायावती के आवास के बाहर पूरे समय भारी पुलिस बल तैनात रहा।
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महिला अभ्यर्थी सड़क पर बैठी, बढ़ा तनाव
प्रदर्शन के दौरान एक महिला अभ्यर्थी मायावती से मिलने की मांग को लेकर सड़क पर ही धरने पर बैठ गई। महिला पुलिसकर्मियों ने उसे हटाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ी रही। इसके बाद पुलिस ने अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ उसे भी हिरासत में ले लिया।
6800 नियुक्तियों पर अड़े अभ्यर्थी
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 6800 पदों पर आरक्षण संबंधी विसंगतियों को अब तक दूर नहीं किया गया है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग और मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ
भी गड़बड़ी की बात स्वीकार कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में 8270 सीटों का हलफनामा दाखिल किया, जिसमें 4946 ऐसे नाम शामिल हैं जो पहले ही तीन बार भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो चुके हैं। उनका दावा है कि इससे वास्तविक पात्र अभ्यर्थियों के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
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'नियुक्ति मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा'
अभ्यर्थियों ने मांग की है कि 6800 पदों पर पिछड़े और दलित वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए तथा पहले से बाहर हो चुके अभ्यर्थियों के पदों को रिक्त मानकर नई मेरिट सूची तैयार की जाए। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक आरक्षण संबंधी विसंगतियां दूर कर सभी पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी जाती, तब तक उनका आंदोलन राजधानी की सड़कों पर जारी रहेगा।