हरियाणा के कैथल जिले में ऊर्जा, श्रम एवं परिवहन मंत्री अनिल विज और एसपी उपासना के बीच तीखी बहस का मामला सामने आया है। मामला पैसे के लेनदेन से जुड़ा है। कुरुक्षेत्र के रहने वाले एक शख्स ने सिपाही पर पैसे के लेनदेन का आरोप लगाया लगाया। मंत्री विज ने तुरंत सिपाही को सस्पेंड करने का आदेश दिया। जवाब में एसपी ने कहा कि कुरुक्षेत्र में सिपाही को निलंबित करने का अधिकार नहीं है। बस इसी बात पर अनिल विज का भड़क उठे। उन्होंने एसपी से कहा कि जब आपके पास पावर नहीं है तो जाइये यहां से। हालांकि एसपी उपासना ने सिपाही के खिलाफ डीजीपी को पत्र लिखने की बात कही।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैथल के आरकेएसडी कॉलेज में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक हुई। यहां तितरम गांव के रहने वाले संदीप मलिक अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि जमीन बेचने के नाम पर एएसआई संदीप ने उनसे पैसे लिए। मगर अब पुलिस में होने की वजह से पैसा नहीं लौटा रहा है।
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बताया जा रहा है कि एएसआई कुरुक्षेत्र में तैनात है। बैठक में अनिल विज ने कैथल एसपी को ही सिपाही को सस्पेंड करने का आदेश दे दिया। जवाब में एसपी उपासना ने कहा कि कुरुक्षेत्र में कार्रवाई करने की शक्ति उनके पास नहीं है। इस पर विज ने कहा कि मैं कह रहा, सस्पेंड करो। एसपी उपासना ने दोहराया कि वह कुरुक्षेत्र एसपी और डीजीपी को लिख सकती हैं, लेकिन कार्रवाई करने की उनके पास शक्ति नहीं है। जवाब में अनिल विज ने एसपी से मीटिंग से जाने को कह दिया।
मामला बढ़ता देख तुरंत कैथल की डीसी डीसी अपराजिता ने दखल दिया और किसी तरह से बहस को खत्म कराया। उधर, एसपी उपासना ने भी अनिल विज के आदेश पर डीजीपी को सिपाही को निलंबित करने का पत्र लिखने की बात कही है।
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बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं जब किसी महिला अधिकारी और अनिल विज के बहस हुई हो। इससे पहले आईपीएस संगीता कालिया और अनिल विज के बीच तीखी बहस हो चुकी है। अनिल विज फतेहाबाद में जिला शिकायत निवारण कमेटी की बैठक में पहुंचे थे। इसी बैठक में संगीता और अनिल विज के बीच तीखी बहस हुई थी। बाद में हरियाणा सरकार ने संगीता को पानीपत का एसपी बना दिया था।