संजय सिंह, पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राजद विधायक फैसल रहमान की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने सियासी गलियारों में चर्चा का नया दौर शुरू कर दिया है। गुरुवार को उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपनी मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं, जिसके बाद उनके राजनीतिक रुख को लेकर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं।
विकास की बात या सियासी संकेत
फेसबुक पर तस्वीरें साझा करते हुए विधायक फैसल रहमान ने लिखा कि उन्होंने ढाका क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को लेकर मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने बताया कि इस दौरान सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। अपने पोस्ट में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है और क्षेत्र के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
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रहमान ने भरोसा जताया कि इन योजनाओं के लागू होने से ढाका क्षेत्र को नई गति मिलेगी और आम जनता को इसका सीधा लाभ मिलेगा। हालांकि, यह मुलाकात सिर्फ विकास के मुद्दों तक सीमित है या इसके पीछे कोई गहरी राजनीतिक रणनीति छिपी है। यही सवाल अब चर्चा का केंद्र बन गया है।
पाला बदलने की अटकलें तेज
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में यह मुलाकात सामान्य नहीं मानी जा रही। खासकर तब, जब हाल ही में बिहार विधानसभा की 19 समितियों का गठन हुआ और फैसल रहमान को गैर सरकारी विधेयक एवं संकल्प समिति का चेयरमैन बनाया गया। ऐसे में सत्ता पक्ष के साथ उनकी नजदीकी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या फैसल रहमान राजद से दूरी बनाकर किसी नए राजनीतिक समीकरण की ओर बढ़ रहे हैं? हालांकि, इस संबंध में उन्होंने कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है, लेकिन उनकी हालिया गतिविधियों ने अटकलों को हवा जरूर दी है।
राज्यसभा चुनाव से शुरू हुआ विवाद
फैसल रहमान पहले भी अपने फैसलों को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। बिहार में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने अपनी ही पार्टी के खिलाफ जाकर वोटिंग से दूरी बना ली थी। उस समय उन्होंने अपनी मां की बीमारी का हवाला दिया था, लेकिन उनके इस कदम का सीधा असर चुनाव परिणामों पर पड़ा और महागठबंधन के उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा। इस घटना के बाद से ही पार्टी के भीतर उनके रुख को लेकर सवाल उठने लगे थे। अब मुख्यमंत्री के साथ उनकी मुलाकात ने इन सवालों को और गहरा कर दिया है।
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आगे होगा क्या?
फिलहाल फैसल रहमान की ओर से इस मुलाकात को सिर्फ विकास कार्यों से जोड़कर पेश किया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में उनकी गतिविधियां यह तय करेंगी कि यह मुलाकात महज एक औपचारिकता थी या बिहार की राजनीति में किसी नए समीकरण की शुरुआत।