63 दागी, 54 पर हत्या तो 2 पर रेप का केस, कैसी है बंगाल के नए विधायकों की छवि?
पश्चिम बंगाल में ना सिर्फ सरकार बदली है बल्कि आपराधिक छवि और करोड़पति विधायकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। इस बार महिला विधायकों की संख्या में भी कमी आ गई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: ChatGPT
पश्चिम बंगाल में 15 साल के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ है। 2011 में सत्ता में आई तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधानसभा चुनाव में हार गई है और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आई है। ममता बनर्जी की सरकार को कानून-व्यवस्था के नाम पर खूब घेरा गया और माना जा रहा है कि महिला मतदाता इसके चलते काफी हद तक प्रभावित हुईं। ऐसे में जिस राज्य में कानून व्यवस्था इतना बड़ा मुद्दा हो वहां यह जानना बेहद जरूरी है कि बंगाल में चुने गए विधायकों की छवि कैसी है। असोसिएशन फॉर डिमोक्रैटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट बताती है कि आपराधिक मुकदमे वाले विधायकों और गंभीर आपराधिक मुकदमे वाले विधायकों की संख्या में इस बार इजाफा हुआ है। 2021 में 142 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे चल रहे थे। इस बार ऐसे विधायकों की संख्या 190 पहुंच गई है।
महिला आरक्षण पर जारी बहस के बीच पश्चिम बंगाल में महिला विधायकों की संख्या ही कम हो गई है। रोचक बात है कि बंगाल ऐसा राज्य था जो कुछ साल तक देश का इकलौता राज्य था जहां की मुख्यमंत्री महिला थीं। अब उसी राज्य में महिला विधायकों की संख्या 40 से घटकर 37 हो गई है। वहीं, विधायकों की औसत संपत्ति 2.53 करोड़ रुपये से बढ़कर 3.73 करोड़ रुपये हो गई है।
यह भी पढ़ें: 'रेकी की गई थी, प्लान करके मारा', PA की हत्या पर बोले शुभेंदु अधिकारी
कैसी है विधायकों की छवि?
ADR ने बंगाल के 292 नए विधायकों के चुनावी हलफनामे के हवाले से बताया है कि कुल 190 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसमें से 170 विधायक ऐसे हैं जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। अगर 2021 की तुलना में देखें तो तब आपराधिक मुकदमे वाले कुल विधायक 49 प्रतिशत यानी 142 थे और गंभीर आपराधिक मुकदमों वाले विधायक 39 प्रतिशत यानी 49 थे। इस बार 65 प्रतिशत विधायकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और 58 प्रतिशत विधायकों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
पहली बार बंगाल की सत्ता में आई बीजेपी के 206 में से 152 विधायकों (74%) के खिलाफ आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। विपक्षी टीएमसी के 80 में से 34 (43 प्रतिशत) विधायकों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज हैं। कांग्रेस के दोनों विधायकों पर इस तरह का कोई भी मुकदमा नहीं चल रहा है। बीजेपी के 141 और टीएमसी के 25 विधायकों के खिलाफ गंभीर अपराध के मुकदमे दर्ज हैं।
यह भी पढ़ें: असम में घटी दागी विधायकों की संख्या, बढ़ गए करोड़पति माननीय
रेप और हत्या के आरोपी भी बने विधायक
ADR की रिपोर्ट बताती है कि कुल 14 विधायक ऐस हैं जिनके खिलाफ हत्या के आरोप में मुकदमा चल रहा है। 54 विधायकों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा है। 63 विधायक महिलाओं के खिलाफ अपराध के मुकदमे जल रहे हैं जिसमें से 2 विधायकों पर महिलाओं के रेप का मुकदमा भी दर्ज है।
कितने अमीर हैं बंगाल के विधायक?
चुनावी हलफनामे में घोषित की गई संपत्ति के मुताबिक, इस बार करोड़पति विधायकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। पिछली बार 54 प्रतिशत यानी 158 विधायक करोड़पति थे। इस बार यह संख्या 61 प्रतिशत यानी 178 विधायकों तक पहुंच गई है। इसमें से बीजेपी के 114, टीएमसी के 59, आम जनता उन्नयन पार्टी के हुमायूं कबीर, कांग्रेस के दोनों विधायक और सीपीएम के एक विधायक करोड़पति हैं। बता दें कि 2011 में करोड़पति विधायकों की संख्या सिर्फ 44 थी, 2016 में 100 थी और अब 178 है।
27 विधायक ऐसे हैं जिनकी संपत्ति 10 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। 33 विधायकों की संपत्ति 20 लाख रुपये से कम है। अगर 292 विधायकों की कुल संपत्ति की बात करें तो यह 1091 करोड़ रुपये बनती है। इस तरह औसत संपत्ति 3.73 करोड़ है। पिछली बार बंगाल के विधायकों की औसत संपत्ति 2.53 करोड़ रुपये थी।
यह भी पढ़ें: SIR नहीं 'तीसरे' ने बंगाल में कर दिया खेल, 82 सीटों के नतीजे दे रहे गवाही
सबसे अमीर और गरीब विधायक
पश्चिम बंगाल के सबसे अमीर विधायक बीजेपी के दिलीप साहा हैं जो मुर्शिदाबाद की आरक्षित सीट नबाग्राम से जीते हैं। उन्होंने कुल 43 करोड़ की संपत्ति घोषित की है। दूसरे नंबर पर तृणमूल कांग्रेस के अहमद जावेद खाने हैं जिनकी कुल संपत्ति 39 करोड़ है। तीसरे नंबर पर टीएमसी के बायरन बिस्वास (33 करोड़) हैं। बंगाल में सबसे कम संपत्ति वाले विधायक बीजेपी के चिरन बेरा हैं जिन्होंने 17 हजार रुपये की संपत्ति घोषित की है। बीजेपी के ही कौशिक चौधरी ने 31 हजार और रेखा पात्रा ने 96 हजार की संपत्ति घोषित की है।
कितने पढ़े-लिखे हैं विधायक?
पश्चिम बंगाल की नई विधानसभा में एक विधायक अनपढ़ हैं और 5 विधायक ऐसे हैं जो सिर्फ पढ़ या लिख सकते हैं और उनके पास कोई डिग्री नहीं है। 9 विधायक डिप्लोमा धारी हैं। 92 विधायक 5वीं से 12वीं तक ही बढ़े हैं। 182 विधायक ऐसे है जिन्होंने कम से कम ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की है।
महिला आरक्षण की चर्चाओं के बीच पश्चिम बंगाल में महिला विधायकों की संख्या में कमी आ गई है। पिछली विधानसभा में कुल 40 महिला विधायक थीं लेकिन इस बार 37 महिलाएं ही चुनाव जीत पाई हैं। खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर से चुनाव हार गईं।

यह भी पढ़ें: 'यूपी से ट्रेंड होकर अधिकारी गए थे', बंगाल चुनाव पर क्या बोले अखिलेश यादव
इस बार टीएमसी के 53 तो बीजेपी के 47 विधायक फिर से चुनाव जीते हैं। पश्चिम बंगाल में कुल 4 विधायक ऐसे हैं जिनकी उम्र 25 से 30 साल के बीच है। वहीं, 62 विधायकों की उम्र 60 साल से ज्यादा है। 3 विधायक तो 81 से 85 साल की उम्र के बीच हैं। सबसे ज्यादा 98 विधायक ऐसे हैं जिनकी उम्र 41 से 50 साल के बीच है। बंगाल की सबसे युवा विधायक बीजेपी की मायना मुर्मू से हैं जो मानबाजार से जीती हैं। सबसे उम्रदराज विधायक टीएमसी के समर मुखर्जी हैं जो रतुआ से जीते हैं और उनकी उम्र 84 साल है।
पुरुलिया के बीजेपी विधायक सुदीप कुमार मुखर्जी ने 2021 में अपनी कुल संपत्ति सिर्फ 45 लाख रुपये बताई थी। इस बार उनकी संपत्ति में लगभग 25 गुने का इजाफा हुआ है और उन्होंने 11 करोड़ की संपत्ति घोषित की है।
और पढ़ें
Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies
CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap

