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मुरादाबाद का हिस्ट्रीशीटर नरेश बन गया सुल्लान, 21 साल बाद पुलिस ने संभल से पकड़ा

नरेश वाल्मीकि दाढ़ी बढ़ाकर और कुर्ता पायजामा पहनकर मुस्लिम पहचान से संभल में रह रहा था। मगर, पुलिस ने उसे 21 साल बाद दबोच लिया।

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हिस्ट्रीशीटर नरेश वाल्मीकि। Photo Credit- Social Media

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उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक मुरादाबाद के एक हिस्ट्री शीटर का 21 साल तक पीछा करने के बाद पकड़ लिया। पुलिस ने जब हिस्ट्री शीटर को पकड़ा तो वह किसी मौलाना (मुस्लिम धर्म का विद्वान) की तरह दिख रहा था। उसने मौलाना की ही तरह कुर्ता-पायजामा, टोपी और दाढ़ी रखी हुई थी। अपराधी ने अपना सुल्तान रखा था। मगर, सच्चाई यह नहीं थी। यह हिस्ट्री शीटर कथित मौलाना था, इसकी असली नाम नरेश वाल्मीकि है।

 

पुलिस ने बताया कि सुल्तान ने दाढ़ी बढ़ा ली थी और वह संभाल जिले की एक मस्जिद के पास किराए का घर लेकर रहता था। वह नमाज़ पढ़ता था। उसने अपनी पहचान छुपाने के लिए आधार कार्ड, वोटर कार्ड और पैन कार्ड भी जाली बनवा लिए। पुलिस ने पिछले हफ्ते रिकॉर्ड में दर्ज हिस्ट्री शीटरों के ठिकानों की जांच के लिए एक रूटीन वेरिफिकेशन अभियान चलाया। इसी अभियान में नरेश वाल्मीकि का पता चला। पुलिस ने अब 58 साल के नरेश को गिरफ्तार कर लिया है।

 

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लिस्टेड हिस्ट्री शीटर है नरेश

मुरादाबाद के एसीपी रण विजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया, 'नरेश एक लिस्टेड हिस्ट्री शीटर है। वह दो दशकों से लापता था। संभल में सुल्तान की नकली पहचान से रहता था। पुलिस ने उसे पकड़ लिया है। हम अब उसके खिलाफ दर्ज मामलों की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं।'

रूटीन पेट्रोलिंग के दौरान पकड़ा गया

पकवरहा पुलिस स्टेशन के SHO योगेश कुमार ने बताया कि पिछले शनिवार को एक टीम रूटीन पेट्रोलिंग पर थी। इस दौरान पुलिस संदिग्ध लोगों और गाड़ियों की चेकिंग कर रही थी और यक्ष ऐप (Yaksh app) के जरिए आरोपियों और हिस्ट्री शीटर्स को वेरिफाई कर रही थी।

मुखबिर ने जानकारी दी

उन्होंने बताया कि हाशमपुर क्रॉसिंग पर टीम को मुखबिर ने जानकारी दी कि नरेश वाल्मीकि किसी से मिलने पकवरहा गया है और डिंगरपुर रोड पर जाने की तैयारी में है। पुलिस टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए संदिग्ध को पकड़ लिया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ करने पर उसने शुरू में खुद को संभल के नाहरथैर गांव के रहने वाले जमालुद्दीन के बेटे सुल्तान के रूप में बताया।

 

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पुलिस ने शक होने पर तलाशी ली

पुलिस ने शक होने पर नरेश के कमरे पर जाकर सामान की तलाशी ली। इस दौरान पुलिस ने कहा कि उन्हें एक ही नाम और पते वाला एक आधार कार्ड, एक पैन कार्ड और एक ई-श्रम कार्ड मिला। उन्होंने उसके कुर्ते की जेब से उर्दू में लिखी एक छोटी हैंडबुक भी बरामद की। पुलिस ने कहा कि आगे की तलाशी में शंकर के बेटे नरेश के नाम का एक वोटर ID कार्ड और मुरादाबाद के हशमपुर गोपाल गांव में उसी नाम और पते वाला एक आधार कार्ड बरामद हुआ।

 

बरामद किए गए दस्तावेजों में अंतर देखकर पुलिस ने मिलान किया। बाद में पुलिस का शक यकीन में बदल गया और सुल्तान उर्फ नरेश वाल्मीकि को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस बताया कि नरेश के खिलाफ लूट और डकैती के कई केस दर्ज थे और वह आठ-नौ साल से जेल में भी रहा था। उसने 20-21 साल पहले अपना गांव और परिवार छोड़ दिया था।


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