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3 बच्चों की मां ने 6 बच्चों के पिता संग किया निकाह, मशहूर हो गई शादी

मुरादाबाद में पति को खो चुकी तीन बच्चों की मां ने छह बच्चों के पिता से निकाह कर लिया है। परिवार के विरोध के बाद पंचायत में हुई सहमति के बाद अब यह जोड़ा अपने नौ बच्चों के साथ नई जिंदगी शुरू कर रहा है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Generated Image

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उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक ऐसी शादी हुई है जो हर तरफ चर्चा में है। रानीनागल गांव की रहने वाली तबस्सुम के पति की पांच साल पहले मौत हो गई थी। उन्होंने छह बच्चों के पिता मोहम्मद उमर से शादी कर ली है। अब इन दोनों के पास कुल नौ बच्चे हैं जो अब एक साथ एक ही घर में रहेंगे। इस मामले में दोनों ने पहले छिपकर निकाह किया और फिर विवाद बढ़ने पर गांव में पंचायत बुलाई गई जहां पूरी लिखापढ़ी के बाद यह रिश्ता तय हुआ।

 

करीब पांच साल पहले एक सड़क हादसे में तबस्सुम के पति रियाजुल की मौत हो गई थी। पति के जाने के बाद तबस्सुम अकेली रह गई थीं। वह अपने तीन छोटे बच्चों के साथ अपनी ससुराल में ही रह रही थीं। वह पिछले पांच साल से अकेले ही अपने बच्चों की देखभाल कर रही थीं। उन्होंने बिना किसी की मदद के अपने इन तीनों बच्चों को पाला है और घर का सारा काम खुद ही संभाला है।

 

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मोहम्मद उमर कौन हैं और क्या काम करते हैं?

कोरबांकू गांव के रहने वाले मोहम्मद उमर गाड़ी ठीक करने का काम यानी मैकेनिक का काम करते हैं। उमर पहले से छह बच्चों के पिता हैं। उनकी पहली पत्नी अब उनके साथ नहीं रहती हैं और उन्होंने दूसरी जगह शादी कर ली है। इस वजह से उमर भी अपने घर में अकेले ही रह रहे थे और अपने बच्चों की जिम्मेदारी खुद उठा रहे थे।

 

इसी दौरान तबस्सुम की मुलाकात मोहम्मद उमर से हुई। दोनों के बीच बातचीत होने लगी और दोनों ने एक-दूसरे के दुख-दर्द को जाना। एक-दूसरे को अच्छी तरह समझने के बाद उन्होंने साथ रहने का मन बना लिया। दोनों को यह लगा कि वे मुश्किल समय में एक-दूसरे का सहारा बन सकते हैं, उन्होंने आपस में बातचीत करके शादी करने का फैसला कर लिया।

कोर्ट मैरिज करना

घरवालों के विरोध के डर से दोनों ने शुरू में किसी को कुछ नहीं बताया। दोनों सबसे पहले कलियर शरीफ गए और वहां पूरे रीति-रिवाज के साथ निकाह किया। इसके बाद अपने इस रिश्ते को कानूनी रूप देने और सही साबित करने के लिए उन्होंने कोर्ट मैरिज भी कर ली ताकि आगे चलकर कोई कानूनी परेशानी न आए।

 

जब तबस्सुम और उमर की शादी की बात उनके घरवालें और रिश्तेदारों को पता चली तो सबने इसका बहुत विरोध करना शुरू कर दिया। दोनों परिवारों के बीच बात बहुत बढ़ गई जिसके बाद रानीनागल गांव में एक बड़ी पंचायत बुलाई गई। इस पंचायत में गांव के प्रधान जाहिद हुसैन और दोनों पक्षों के रिश्तेदार तथा गांव के कई लोग मौजूद थे।

 

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पंचायत का फैसला

पंचायत में जब दोनों से पूछा गया तो तबस्सुम और उमर ने बिल्कुल साफ कह दिया कि उन्होंने अपनी मर्जी से निकाह किया है और वे दोनों अब अलग नहीं हो सकते बल्कि साथ ही रहना चाहते हैं। तबस्सुम के ससुराल वालों ने पंचायत में कहा कि अब वे तबस्सुम से कोई भी रिश्ता नहीं रखेंगे। इसके जवाब में मोहम्मद उमर ने बहुत हिम्मत दिखाई और कहा कि वह तबस्सुम और उनके तीनों बच्चों की पूरी जिम्मेदारी उठाएंगे। उमर ने किराए के मकान, खरीदे गए प्लॉट और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई व खर्चे की जिम्मेदारी को लेकर एक लिखित कागज यानी हलफनामा भी पंचायत को दिया। 

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