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रात 10 बजे विधानसभा पहुंच गए जीतू पटवारी, सवाल किया तो नहीं बोले प्रमुख सचिव

MP कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी गुरुवार की रात तकरीबन 10 बजे अचानक से विधानसभा सचिवालय पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने प्रमुख के ऊपर कई सवाल उठाए।

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जीतू पटवारी और प्रमुख सचिव।

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मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी गुरुवार की रात तकरीबन 10 बजे अचानक से विधानसभा सचिवालय पहुंच गए। वह सीधे विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव अरविन्द शर्मा के कमरे में पहुंच गए। उनके यहां पहुंचते ही प्रमुख सचिव और वहां पहले से मौजूद लोग भौंचक्के रह गए। दरअसल, जीतू पटवारी ने रात के दस बजे विधानसभा के खुला होने पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के दतिया से विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने के लिए साजिशन रात में विधानसभा सचिवालय खोला गया है।

 

आरोप है कि प्रमुख सचिव अरविन्द शर्मा देर रात तक विधानसभा दफ्तर में बैठकर कांग्रेस विधायक की सदस्यता को खत्म करने की कार्रवाई कर रहे थे। जीतू पटवारी ने इस घटना का पूरी वीडियो जारी किया है। अब भोपाल में विधानसभा सचिवालय को लेकर सियासत गरमा गई है। 

 

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू ने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई बीजेपी के इशारे पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है और संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। यही कारण है कि इतनी रात में विधानसभा खोली गई।

 

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जीतू पटवारी ने क्या कहा?

रात में विधानसभा सचिवालय खुला हुआ है, इसकी जानकारी होते ही जीतू पटवारी पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के साथ विधानसभा पहुंचे और इस पर आपत्ति दर्ज कराई। पटवारी ने कहा कि रात में सचिवालय खोलना कई सवाल खड़े करता है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रमुख सचिव अरविन्द शर्मा रात में विधानसभा सचिवालय में ये ऑर्डर टाइप करवा रहे थे। इसी समय कमरे में पहुंचे जीतू पटवारी ने उनसे पूछा, 'इतनी रात में विधानसभा क्यों खोली गई? प्रमुख सचिव कुर्सी से खड़े हुए और बिना जवाब दिए निकल गए।'

 

 

 

राजनीतिक गुंडागर्दी और सत्ता का दुरुपयोग

उन्होंने कहा कि विधानसभा सचिवालय एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है लेकिन जिस तरह से रात में काम किया गया, वह पूरी तरह अस्वीकार्य है। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक गुंडागर्दी और सत्ता का दुरुपयोग बताया।

 

हालांकि यह बातचीत ज़्यादा लंबी नहीं चली क्योंकि विधानसभा के मुख्य सचिव थोड़ी देर बाद ही कार से वहां से चले गए। इसके बाद जीतू पटवारी विधानसभा से बाहर निकले और आरोप लगाया, 'कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने के लिए बीजेपी के इशारे पर रात को विधानसभा सचिवालय खोला गया।'

 

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MLA भारती का मामला क्या है?

कांग्रेस ने दावा किया है कि पार्टी विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने की कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। पार्टी ने साफ किया है कि इस मुद्दे पर वह पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेगी। दरअसल, यह पूरा मामला साल 1998 का है। उस समय श्याम सुंदर संस्थान की ओर से बैंक में 10 लाख रुपये की एफडी कराई गई थी। आरोप है कि राजेंद्र भारती ने बैंक के लिपिक रघुवीर प्रजापति के साथ मिलकर दस्तावेजों में हेरफेर की और एफडी की अवधि तीन साल से बढ़ाकर 15 साल कर दी।

 

इसके बाद साल 1999 से 2011 के बीच करीब 13.5 प्रतिशत ब्याज दर के आधार पर हर साल लगभग 1.35 लाख रुपये निकाले जाते रहे। 2011 में जब बीजेपी नेता पप्पू पुजारी बैंक के अध्यक्ष बने, तब इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ।

बता दें कि राजेंद्र भारती ने साल 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हरा कर राजनीतिक सुर्खियां बटोरी थीं।

 


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