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नीतीश कुमार की Z-प्लस सुरक्षा से JDU नेताओं को दिक्कत क्यों है?

बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए Z प्लस सुरक्षा मांगी है। यह फैसला, JDU के नेताओं को ही असहज कर रहा है।

Nitish Kumar

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। Photo Credit: ptPTI

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्‍यसभा जाने से कुछ दिन पहले ही राज्य सरकार के गृह विभाग ने एक पत्र जारी कर दिया। इस पत्र में उनके इस्तीफे का जिक्र करते हुए कहा गया है कि वह मुख्यमत्री पद छोड़ रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि वह मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद राज्‍यसभा सदस्य बनने के बाद भी जेड-प्लस सुरक्षा योग्य हैं।

गृह विभाग ने नोटिफिकेशन में कहा है कि नीतीश कुमार, बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट-2000 के तहत सुरक्षा के योग्य हैं। यह कानून, खास लोगों को, संवेदनशीलता के आधार पर सुरक्षा देता है। वह अभी मुख्यमंत्री हैं, राजनीतिक स्थिति ऐसी बन रही है कि उन्हें इस सुरक्षा की जरूरत पड़ेगी। 

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चिट्ठी में क्या लिखा है?

पुलिस महानिदेशक के नाम इसे लिखा गया है। यह मांग की गई है कि बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट-2000 के तहत नीतीश कुमार को सुरक्षा दी जाए। यह पत्र 30 मार्च को गृह विभाग की विशेष सचिव के सुहिता अनुपम ने बिहार के पुलिस महानिदेशक को लिखा था। 

राज्यसभा जाएंगे नीतीश कुमार, CM पद से इस्तीफा देंगे

नीतीश कुमार, राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने बिहार विधान परिषद की सदस्यता छोड़ दी है। अब वह मुख्यमंत्री पद से त्याग-पत्र देकर राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे।

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अब क्या होगा?

नीतीश कुमार को अब बिहार विशेष सुरक्षा अधिनियम के तहत जेड-प्लस सुरक्षा दी जाएगी।

JDU के नेता नाराज क्यों?

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक JDU के नेता नए बदलाव से खफा हैं। उनका कहना है कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा की शपथ लेंगे, फिर इस्तीफा देंगे। ऐसे में सरकार का चिट्ठी पहले से इस्तीफे का समय तय कर देना गलत है। JDU नेताओं का कहना है कि गृह विभाग को इतनी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए थी।

सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव एक सामान्य प्रक्रिया है, जो इस्तीफे के बाद भी की जा सकती थी। JDU के नेताओं का कहना है कि इस पत्र से उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है। 

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कब तक CM रहेंगे नीतीश कुमार?

नीतीश कुमार ने 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वह 15 अप्रैल तक, राज्य के मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं। उसके बाद नई सरकार बनने की संभावना है। गृह विभाग, बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के पास है। वह नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी के तौर पर देखे जा रहे हैं। 

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