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बिहार में सरकारी एंबुलेंस से ही बेच रहे थे गांजा? ड्राइवर और टेक्नीशियन गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर के SKMCH की सरकारी एंबुलेंस से पुलिस ने लोडेड पिस्तौल, कारतूस और करीब 200 ग्राम गांजा बरामद किया है। मामले में एंबुलेंस चालक और मेडिकल टेक्नीशियन को गिरफ्तार किया गया है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- ChatGPT

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बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में मरीजों की जान बचाने वाली सरकारी एंबुलेंस के इस्तेमाल का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। उत्तर बिहार के प्रमुख अस्पताल श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) की एंबुलेंस से पुलिस ने एक लोडेड पिस्तौल और करीब 200 ग्राम गांजा बरामद किया है। कार्रवाई के दौरान एंबुलेंस चालक और मेडिकल टेक्नीशियन को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को शक है कि एंबुलेंस पर लगी लालबत्ती और बजते साइरन का फायदा उठाकर अवैध सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा रहा था। फिलहाल पुलिस अब पूरे रैकेट की जांच में जुटी है।

 

मेडिकल थानाध्यक्ष पिंटू कुमार को सूचना मिली थी कि अस्पताल से एक सरकारी एंबुलेंस संदिग्ध हालत में बाहर निकली है। सूचना मिलते ही पुलिस ने अस्पताल के मुख्य गेट के पास घेराबंदी की। एंबुलेंस को रोककर तलाशी ली गई तो मरीजों की दवा और ऑक्सीजन की जगह उसमें अवैध सामान रखा मिला। पुलिस ने तुरंत एंबुलेंस को जब्त कर उसमें मौजूद दोनों लोगों को हिरासत में ले लिया।

 

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चालक सरबजीत कुमार और मेडिकल टेक्नीशियन मनोहर कुमार के रूप में हुई है। दोनों स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर काम करते हैं। पुलिस को एंबुलेंस से एक लोडेड पिस्तौल, कुछ जिंदा कारतूस और करीब 200 ग्राम गांजा मिला। मेडिकल थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे इस सामान को शहर के दूसरे हिस्से में पहुंचाने जा रहे थे। पुलिस के अनुसार, उन्हें लगता था कि लालबत्ती और साइरन की वजह से एंबुलेंस को आसानी से रास्ता मिल जाएगा।

 

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तीन बिंदुओं पर की जा रही जांच

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी एंबुलेंस का इस्तेमाल कब से अवैध कामों के लिए किया जा रहा था। जांच के लिए तीन मुख्य बिंदु तय किए गए हैं। पहला, एंबुलेंस का इस्तेमाल कितने समय से किया जा रहा था। इसके लिए लॉग बुक और जीपीएस डेटा की जांच की जा रही है। दूसरा, बरामद पिस्तौल से किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी थी या नहीं और गांजा किसे पहुंचाया जाना था। तीसरा, क्या अस्पताल के अन्य कर्मचारी या कोई और व्यक्ति भी इस मामले में शामिल है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इससे मामले से जुड़ी और जानकारी सामने आ सकती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी मामले की विभागीय जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है।

 

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SKMCH के अधीक्षक ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस की ड्यूटी और रूट पहले से तय होते हैं। अगर कोई इसका गलत इस्तेमाल कर रहा था तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि अब अस्पताल से निकलने वाली हर एंबुलेंस की एंट्री और चेकिंग अनिवार्य की जाएगी।

 

पुलिस का मानना है कि तस्कर एंबुलेंस, स्कूल वैन और दूसरे सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल कर पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर सकते हैं। एसपी ने सभी थानों को इमरजेंसी वाहनों की भी औचक जांच करने का निर्देश दिया है। फिलहाल पुलिस ने एंबुलेंस को जब्त कर लिया है और आर्म्स एक्ट व NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।


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