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हिंदू लड़की कैसे रखने लगी थी 'रोजा'? रोंगटे खड़े कर देगा नासिक TCS कांड

खुलासा हुआ है कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में कई हिंदू लड़कियों से रोज़ा रखवाया जा रहा था।

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टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज।

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महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) दफ्तर में हिंदू लड़कियों का धर्मपरिवर्तन करनावे का गंदा खेल चल रहा था। यहां यौन शोषण से लेकर धर्म बदलने की कोशिश तक हो रही थी। इसको लेकर अब रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। टीसीएस के बीपीओ यूनिट में लड़कियों के साथ हुए शोषण के मामले में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। इसमें सामने आया है कि पीड़ित हिंदू लड़कियों का धर्मपरिवर्तन करवाकर उनसे रोज़ा रखवाना शुरू कर दिया गया था।

 

पीड़िता के एक पारिवारिक दोस्त ने देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दानिश के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसी पारिवारिक दोस्त ने न्यूज 18 के साथ बातचीत में बताया है कि पीड़िता पिछले 4 साल से नासिक टीसीएस में काम कर रही है। वह आरोपी से यहीं काम के दौरान मिली थी।

 

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पीड़िता के दोस्त ने सुनाई दास्तान

पीड़िता के दोस्त ने कहा, 'हमें मीडिया से बात करने की इजाजत नहीं है। नहीं तो पुलिस हमारे खिलाफ एक्शन लेगी। पीड़िता पिछले 4 साल से यहां काम कर रही है। काम की जगह पर उसका बर्ताव धीरे-धीरे बदलने लगा था। इसी दौरान परिवार को एहसास हुआ कि कुछ गड़बड़ है। उसने पिछले 2 साल से रोज़ा रखना शुरू कर दिया था।'

परिवार ने मनाया तब दिया बयान

पीड़िता की बदलती हरकतों की वजह से उसके परिवार को कुछ शक हो गया। इस तरह से परिवार ने पीड़िता को काम की जगह से छुट्टी दिलवाई और अहिल्यानगर में उसकी मौसी के घर ले आए। पीड़िता वहां 21 दिनों तक रही। इसके बाद परिवार ने उसे खुलकर बात करने के लिए मनाया और इस तरह उसने पुलिस में बयान दर्ज कराया।

 

उन्होंने आगे कहा, 'उसने परिवार को बताया कि काम की जगह पर दो लोग थे जो उसे ब्लैकमेल कर रहे थे। दोनों सीनियर उसे परेशान कर रहे थे। उसे धमकी दी गई थी कि अगर उसने उनके खिलाफ आवाज उठाई तो वे उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे और उसके परिवार को भेज देंगे।'

 

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पुलिस को कैसे मिली थी सूचना?

बता दें कि यह गंभीर मामला तब सामने आया जब फरवरी में पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने खुफिया ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान महिला कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग स्टाफ के तौर पर टीसीएस बीपीओ में अंडरकवर तैनात किया गया था। पुलिस का कहना है कि वाट्सएप चैट, पीड़ितों के बयान और मलेशिया से जुड़े एक संदिग्ध प्रीचर से मिले सबूतों से पता चलता है कि ऑफिस के अंदर एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।

 

महाराष्ट्र सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है। जांच एजेंसी ने इसमें शामिल 12 कर्मचारियों की पहचान की है। अभी तक आठ महिलाओं और एक पुरुष की शिकायत के आधार पर नौ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपों में यौन शोषण, शादी का झांसा देकर रेप, धार्मिक हेरफेर और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना शामिल है। पुलिस के मुताबिक, अब तक टीसीएस के जिन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसिफ अत्तर, दानिश शेख और HR मैनेजर निदा खान शामिल हैं।

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