उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम के हॉस्टल से लापता हुआ राष्ट्रीय स्तर का टेबल टेनिस खिलाड़ी 35 दिन बाद मुंबई में सकुशल बरामद कर लिया गया। अंडर-17 वर्ग की कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके खिलाड़ी के मुंबई में मजदूरी करने की जानकारी सामने आने के बाद स्टेडियम के हॉस्टल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। पता चला है कि सिगरेट मिलने पर उसे डांट पड़ी थी। इसी के बाद वह हॉस्टल छोड़कर चला गया था।
शाहगंज थाना क्षेत्र के नगला छऊआ निवासी शैलेश सिंह का बेटा टेबल टेनिस का राष्ट्रीय खिलाड़ी है। वह कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के साथ पुरस्कार भी जीत चुका है। 31 अगस्त को वह एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम के हॉस्टल से अचानक लापता हो गया था। बाद में उसके आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से उज्जैन एक्सप्रेस में सवार होने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस की पूछताछ में खिलाड़ी ने बताया कि हॉस्टल के कमरे की अलमारी की जांच के दौरान सिगरेट मिलने पर क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी (आरएसओ) ने उसे डांटा था। खिलाड़ी के मुताबिक, डांट से वह डर गया और हॉस्टल छोड़कर चला गया। हॉस्टल से निकलने के बाद वह पहले मथुरा पहुंचा। इसके बाद उज्जैन और इंदौर होते हुए मुंबई पहुंच गया।
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मुंबई में करने लगा मजदूरी
मुंबई पहुंचने के बाद खिलाड़ी कुछ लोगों के साथ रहने लगा और मजदूरी कर अपना खर्च चलाता रहा। राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके खिलाड़ी के 35 दिनों तक दूसरे शहर में इस तरह रहने की जानकारी सामने आने के बाद हॉस्टल में खिलाड़ियों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। परिजन ने पहले ही बेटे के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई थी। उसके पिता ने स्टेडियम और हॉस्टल के आसपास लगे कुछ सीसीटीवी कैमरों के खराब होने का मुद्दा भी उठाया था। उनका कहना था कि कैमरे सही होते तो खिलाड़ी के हॉस्टल से निकलने और उसके बाद की गतिविधियों का पता लगाने में मदद मिल सकती थी।
पुलिस को खिलाड़ी की तलाश में अहम सुराग तब मिला, जब उसने किसी दूसरे युवक के मोबाइल फोन से अपने दोस्त को इंस्टाग्राम पर मैसेज किया। पुलिस को इसकी जानकारी मिलने के बाद तकनीकी मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस की गई।लोकेशन मुंबई में मिलने पर पुलिस टीम वहां पहुंची और खिलाड़ी को सकुशल बरामद कर आगरा ले आई। अपर पुलिस उपायुक्त हिमांशु गौरव ने बताया कि खिलाड़ी को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। उसे काउंसलिंग के लिए चाइल्ड लाइन भेजा गया है। इसके बाद किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा। मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
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बरामदगी के बाद हॉस्टल व्यवस्था पर उठे सवाल
राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी के हॉस्टल से निकलकर 35 दिनों तक मुंबई में रहने और मजदूरी करने की घटना ने एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम के हॉस्टल की सुरक्षा, खिलाड़ियों की निगरानी और व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह भी जांच का विषय है कि खिलाड़ी के हॉस्टल से निकलने के बाद उसकी तलाश और निगरानी का तंत्र इतने लंबे समय तक प्रभावी क्यों नहीं रहा।