हिमाचल: नवरात्रि में होटलों की बहार, 80% तक बुकिंग, पर्यटन ने पकड़ी रफ्तार
नवरात्र के सीजन से हिमाचल के पर्यटन कारोबार में बूम आ गया है। होटल 80 फीसदी तक बुक हो गए हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit-ChatGPT
हिमाचल प्रदेश में शारदीय नवरात्र और अक्तूबर के दूसरे वीकेंड ने पर्यटन कारोबार में नई जान फूंक दी है। एक ओर शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, तो दूसरी ओर पहाड़ों की ठंडी फिजाओं, ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी और त्योहारों की छुट्टियों ने पर्यटकों को हिमाचल की ओर आकर्षित किया है। इसका सीधा असर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के होटल कारोबार पर दिखाई देने लगा है। शिमला, मनाली और धर्मशाला सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों में होटलों की बुकिंग 60 से 80 फीसदी तक पहुंच गई है।
पर्यटन कारोबार में आई इस तेजी ने होटल संचालकों, टैक्सी ऑपरेटरों और रेस्तरां कारोबारियों को राहत दी है। मानसून के बाद पर्यटन गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद लगाए बैठे कारोबारियों के लिए अक्तूबर का दूसरा वीकेंड अच्छा संकेत लेकर आया है। नवरात्र के साथ छुट्टियों का माहौल और पहाड़ों में बदलता मौसम पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
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धार्मिक आस्था और बर्फबारी का दोहरा आकर्षण
इस बार हिमाचल में पर्यटन गतिविधियों को गति देने में धार्मिक पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य की अहम भूमिका दिखाई दे रही है। नवरात्र के दौरान जहां श्रद्धालु शक्तिपीठों में माथा टेकने पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटक पहाड़ों की खूबसूरती का आनंद लेने के लिए शिमला, मनाली और धर्मशाला जैसे स्थलों को पसंद कर रहे हैं। प्रदेश के शक्तिपीठों में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के साथ कई पर्यटक ऐसे भी हैं, जो धार्मिक स्थलों के दर्शन के बाद आसपास के पर्यटन स्थलों का रुख करते हैं। इससे होटल, परिवहन और खानपान से जुड़े कारोबार को अतिरिक्त ग्राहक मिलने की संभावना बढ़ती है।
नवरात्र के दौरान पश्चिम बंगाल से आने वाले पर्यटकों की आवाजाही भी बढ़ने लगी है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली से भी बड़ी संख्या में सैलानी पहाड़ों की ओर रुख कर रहे हैं। सप्ताहांत पर छुट्टियां बिताने के लिए हिमाचल पहुंचने वाले पर्यटकों की बढ़ती संख्या से प्रमुख पर्यटन स्थलों में रौनक लौटने लगी है। पर्यटन कारोबारियों के लिए दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटकों की बढ़ती आमद अहम मानी जा रही है। इससे न केवल होटलों की बुकिंग बढ़ती है, बल्कि स्थानीय टैक्सी सेवाओं, रेस्तरां, कैफे और पर्यटन से जुड़ी अन्य गतिविधियों को भी काम मिलता है।
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होटल कारोबार को मिली राहत, आगे भी बेहतर सीजन की उम्मीद
फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा के अनुसार, हिमाचल में त्योहारों के पर्यटन सीजन की शुरुआत अच्छी रही है। अक्तूबर के पहले वीकेंड पर भी प्रमुख पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की अच्छी आवाजाही रही थी। इसके बाद दूसरे वीकेंड पर भी होटलों में 60 से 80 फीसदी तक बुकिंग दर्ज की गई। कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी पर्यटकों की आवाजाही बनी रहेगी। हालांकि, आगे पर्यटन कारोबार की रफ्तार मौसम, छुट्टियों और पर्यटकों की आवाजाही पर निर्भर करेगी। पर्यटन का बढ़ता ग्राफ केवल बड़े होटलों तक सीमित नहीं रहता। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से टैक्सी चालकों, ढाबा संचालकों, रेस्तरां, कैफे, स्थानीय दुकानदारों और अन्य सेवा प्रदाताओं को भी काम मिलता है। पर्यटक स्थानीय व्यंजनों, हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों पर खर्च करते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलती है।
अक्तूबर में पर्यटन गतिविधियों का बढ़ना प्रदेश के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे छुट्टियों के मौसम में कारोबार को सहारा मिलता है। अब पर्यटन उद्योग की नजर आगामी त्योहारों और सप्ताहांत पर टिकी है। यदि पर्यटकों की आवाजाही लगातार बनी रहती है, तो प्रदेश के पर्यटन कारोबार को और मजबूती मिल सकती है।
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होटलों में बुकिंग का गणित
- 60 से 80 फीसदी: प्रमुख पर्यटन स्थलों में दर्ज हुई होटल बुकिंग।
- प्रमुख स्थल: शिमला, मनाली और धर्मशाला।
- दूसरा वीकेंड: अक्तूबर में लगातार दूसरे सप्ताहांत पर पर्यटन गतिविधियों में तेजी।
- कारोबार को राहत: होटल, टैक्सी और रेस्तरां संचालकों को बढ़ी पर्यटक संख्या से फायदा।
एक पर्यटक, कई कारोबार को फायदा
होटल: कमरों की बुकिंग बढ़ने से आमदनी को सहारा।
टैक्सी: पर्यटन स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में आवाजाही से काम मिलने की संभावना।
रेस्तरां और कैफे: पर्यटकों की बढ़ती संख्या से खानपान कारोबार को फायदा।
स्थानीय दुकानें: खरीदारी और स्थानीय उत्पादों की बिक्री के अवसर।
पर्यटन गतिविधियां: आसपास के दर्शनीय स्थलों की सैर से स्थानीय सेवाओं की मांग बढ़ने की संभावना।
पड़ोसी राज्यों के साथ बंगाल से भी बढ़ी आमद
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इन राज्यों से पहुंच रहे सैलानी पहुंच रहे हैं।
- पश्चिम बंगाल
- पंजाब
- हरियाणा
- चंडीगढ़
- दिल्ली
नवरात्र, सप्ताहांत की छुट्टियां और पहाड़ों में बदलता मौसम पर्यटकों के हिमाचल पहुंचने के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं।
ठंडी फिजाएं और बर्फीली चोटियां बनीं आकर्षण
अक्तूबर में हिमाचल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई ताजा बर्फबारी ने पहाड़ों की खूबसूरती को नया आकर्षण दिया है। धौलाधार सहित ऊंची पर्वत शृंखलाओं पर बर्फ देखने की चाह पर्यटकों को पहाड़ी स्थलों की ओर खींच रही है। हालांकि, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में पर्यटकों को यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के साथ गर्म कपड़े रखने की सलाह दी जाती है। अक्तूबर के दूसरे वीकेंड पर होटल बुकिंग में दर्ज तेजी ने पर्यटन कारोबारियों की उम्मीदें बढ़ाई हैं। अब कारोबारियों की नजर आगामी त्योहारों और सप्ताहांत पर रहेगी।
पर्यटन की रफ्तार बनाए रखने के लिए बेहतर सड़क संपर्क, साफ-सफाई, सुरक्षित यात्रा, पर्यटकों को सही जानकारी और स्थानीय स्तर पर अच्छी सुविधाएं अहम होंगी। मौसम अनुकूल रहने और पर्यटकों की आवाजाही जारी रहने पर कारोबार को आगे भी सहारा मिल सकता है।
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