उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले का नोएडा शहर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक शहर है। समय के साथ इस शहर में आबादी बढ़ रही है और जमीन कम होती जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (NOIDA) ने 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में 'न्यू नोएडा' बसाने की बात कही है। फिलहाल यह तय नहीं है कि यह शहर कहां बसाया जाएगा। फिर भी नोएडा अथॉरिटी का कहना है कि इस शहर का विकास होने से लगभग 5 से 6 लाख लोगों के लिए रोजगार के मौके पैदा करने की कोशिश की जाएगी। योजना है कि इस नए शहर में डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, रियल एस्टेट और अन्य सेक्टरों को बढ़ावा दिया जाएगा।
मौजूदा नोएडा क्षेत्र में इंडस्ट्रियल डिमांड और भूमि की उपलब्धता कम है। इसी कारण से यह नया शहर बनाने की तैयारी की जा रही है। जल्दी ही क्रमिक तरीके से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
क्या है राज्य सरकार का विजन?
NOIDA के CEO कृष्णा करुणेश ने राज्य सरकार के विजन पर बात की है। उन्होंने बताया, 'राज्य सरकार मौजूदा नोएडा क्षेत्र में अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) की सुविधा उपलब्ध कराना चाह रही है। इसलिए सरकार नीतिगत विकल्पों पर भी काम कर रही है। न्यू नोएडा के विकास से औद्योगिक गतिविधियों के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध होगी और निवेशकों को आधुनिक बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, लॉजिस्टिक्स और अन्य उभरते क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की उम्मीद है।'
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कृष्णा करुणेश ने बताया कि नोएडा आज उत्तर भारत के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में शामिल है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से निकटता, बेहतर बुनियादी ढांचे और मजबूत संपर्क सुविधाओं के कारण यहां विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी और वाणिज्यिक गतिविधियों में निवेश बढ़ा है।
न्यू नोएडा के लिए तीन मेट्रो कॉरिडोर
नोएडा CEO कृष्णा करुणेश ने जल्द काम शुरू होने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा है कि आने वाले पांचवें आधारशिला समारोह में नोएडा से जुड़ी करीब 35 हजार करोड़ रुपये की 120 परियोजनाओं का काम शुरू होने की उम्मीद है। इनमें डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, वाणिज्यिक रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और संस्थागत विकास से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
न्यू नोएडा के साथ संपर्क सुविधाओं के विस्तार की भी योजना है। शहर को सार्वजनिक परिवहन से बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए तीन प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर पर काम किया जा रहा है। इनके जरिए नोएडा को बोड़ाकी के मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब, बॉटनिकल गार्डन और चार मूर्ति के रास्ते गौर सिटी से जोड़ने का प्रस्ताव है।
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नोएडा पहले से ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, डीएनडी फ्लाईवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के माध्यम से प्रमुख आर्थिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर से आवागमन और औद्योगिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नोएडा बनने से कितना रोजगार मिला?
नोएडा अथॉरिटी के अनुसार, करीब 20 हजार हेक्टेयर में फैला मौजूदा नोएडा 168 सेक्टर में फैला हुआ है और इसका लगभग 90 प्रतिशत क्षेत्र विकसित हो चुका है। पिछले तीन दशकों में यहां करीब 9,500 औद्योगिक, 5,000 वाणिज्यिक और 250 से अधिक संस्थागत आवंटन किए गए हैं। इन गतिविधियों के परिणामस्वरूप पिछले 30 से 35 वर्षों में 12 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। न्यू नोएडा के विस्तार के जरिए निवेश और रोजगार के अवसरों को और बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। अथॉरिटी ने साल 2030 तक 5 से 6 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है।