महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस लिमिटेड (TCS) मामले में एक महिला समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन पर ऑफिस में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को मानसिक प्रताड़ित करने, उनका यौन शोषण करने और धमकाने का आरोप है। टीसीएस पर काम करने वाली आठ महिलाओं ने अपने सहकर्मियों पर संगीन आरोप लगाए हैं। अब तक कुल 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं। पीड़ित महिला कर्मचारियों का दावा है कि शादी का झांसा देकर संबंध बनाए गए। उनके साथ धोखाधड़ी की गई और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई।
महिला कर्मचारियों के बाद अब एक पुरुष कर्मचारी भी सामने आया है। उसने अपने टीम लीडर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। कर्मचारी ने बताया कि उसने 2022 में टीसीएस ज्वाइन की। यहां उसे टोपी पहनने और नमाज पढ़ने का दबाव बनाया गया। उसने आरोप लगाया कि टीम लीडर तौसिफ और दानिश शेख उसके निजी जीवन पर कमेंट करते थे। कर्मचारी ने बताया कि उनकी पत्नी को बचा नहीं हो रहा था। इस पर टीम लीडर तौसिफ और साथी दानिश शेख ने कहा, 'अगर बच्चा चाहिए तो अपनी पत्नी को भेज दो।'
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कर्मचारी ने आरोप लगाया कि जब उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया तो उन्होंने उसके खिलाफ एक फर्जी रिपोर्ट बनाकर हेड ऑफिस भेज दी। मुझ पर कई तरह से दबाव डाला गया। विरोध करने पर और प्रताड़ित किया गया।
टाटा संस के चेयरमैन ने क्या कहा?
टीसीएस के नासिक दफ्तर पर जबरन धर्म परिवर्तन, यौन शोषण और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों पर टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह घटना परेशान करने वाली है। गंभीर आरोपों की जांच सीनियर अधिकारियों से करवाई जा रही है। किसी भी उत्पीड़न के खिलाफ कंपनी की जीरो टॉलरेंस की नीति है। दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
मंत्री राणे ने बताया कॉर्पोरेट जिहाज
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने नासिक टीसीएस कांड को कॉर्पोरेट जिहाद बताया। उनका कहना है कि जिहादी गतिविधियों को रोकने के लिए सिर्फ हिंदू उम्मीदवारों को नौकरी देने में प्राथमिकता देना समय की जरूरत है। राणे का आरोप है, 'नौकरियों का दुरुपयोग धर्मांतरण के एक हथियार के तौर पर किया जा रहा है। अगर व्यापार से कॉर्पोरेट दफ्तरों तक हर मंच का इस्तेमाल अलग-अलग तरह के जिहाद के माध्यम से हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है तो अब कड़ा जवाब देने का समय आ गया है।'
एसआईटी कर रही मामले की जांच
नासिक टीसीएस मामले की जांच महाराष्ट्र पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) कर रही है। आठ महिलाओं और एक पुरुष ने देवलाली कैंप थाने और मुंबई नाका थाने में शिकायत दर्ज कराई है। कंपनी की एचआर निदा खान पर आरोप हैं कि उसने शिकायत को जानबूझकर दबाया और उच्च अधिकारियों तक पहुंचने नहीं दिया।
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इनकी हुई गिरफ्तारी
- आसिफ अंसारी
- शफी शेख
- शाहरुख कुरैशी
- रजा मेमन
- तौसीफ अत्तार
- दानिश शेख
- एचआर मैनेजर अश्विनी छनानी
कैसे हुआ मामले का खुलासा?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ महिला कर्मचारियों ने दबाव में आकर अपना पहनावा बदल लिया था। उन्होंने अपनी परंपराओं दूरी बना ली थी। लिपस्टिक लगाना बंद कर दिया था। उनकी जीवन शैली पूरी तरह से बदल गई थी। रोजा रखना शुरू कर दिया था। इस बीच महिला पुलिसकर्मियों ने भेष बदलकर कंपनी में काम किया। आरोपियों की हर हरकत पर नजर रखी। पीड़ित लड़कियों से बात की और उनका विश्वास जीता। इसके बाद आठ लड़कियों ने आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी।